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बिना पीड़ितों को परेशान किए करें पूरा बीमा भुगतान, Irdai ने कंपनियों को दिए निर्देश

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Last Updated- June 05, 2023 | 5:26 PM IST
Odisha Train Accident: Railways started high-level inquiry into the accident, said: 'Kavach' system not available on the route

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (Irdai) ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे ओडिशा ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों के दावों का स्वत: संज्ञान (suo motu) लेते हुए जल्द से जल्द निपटान करें। द इकनॉमिक टाइम्स (ET) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सभी बीमाकर्ताओं (insurers) को रेल प्रशासन से ‘तुरंत’ संपर्क करने और मृत या घायल लोगों की लिस्ट प्राप्त करने के लिए कहा गया है।

कैसे करना होगा क्लेम?

Irdai द्वारा निर्देश दिए के तहत कंपनियों को सभी क्लेम यानी दावों का निपटान बिना किसी पीड़ित परिजनों को परेशान किए बिना करना होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनियां बिना क्लेम के ही उनके क्लेम क्लियर करेंगी, इसके लिए परिजनों को किसी प्रकार का आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इंश्योरेंस कंपनियां खुद ही पीड़ितों या मृतक परिवार को ढूढ़ेंगी और उन्हें उनके इंश्योरेंस की राशि सौंपेंगी।

ET ने इंडस्ट्री के एक अन्य व्यक्ति के हवाले से लिखा है कि बीमाकर्ता इस मामले में पुष्टि करने वाले कोई डॉक्यूमेंट्स नहीं मांगेंगे। यदि रेलवे अधिकारी कहते हैं कि किसी यात्री की मृत्यु हो गई है, तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना उसका क्लेम निपटाया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और मुंबई विस्फोट में लिए गए थे ऐसे ही आपातकालीन फैसले

गौरबतल है कि इससे पहले, बीमा कंपनियों ने 2022 में हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ के बाद स्वत: समझौता (suo motu settlement) किया था। और इसके पहले भी 1993 के मुंबई विस्फोट के दौरान भी ऐसा ही किया गया था।

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अब तक 288 पहुंच चुका है मृतकों का आंकड़ा

बता दें कि कम से कम दो दशकों में भारत में सबसे खतरनाक रही इस ट्रेन दुर्घटना में कम से कम 288 लोगों की जान चली गई है और 1,000 से अधिक घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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Irctc की ग्रुप बीमा पॉलिसी भी करेगी भुगतान

व्यक्तिगत स्वास्थ्य पॉलिसी (personal health policy) के अलावा, कोई भी यात्री भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (Irctc) की ग्रुप बीमा पॉलिसी के तहत भुगतान प्राप्त करने के लिए भी पात्र होगा। इसके तहत, जिसकी मृत्यु हुई है उसके परिजन को 10 लाख रुपये, अगर कोई पीड़ित इस दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से विकलांग हो गया है तो उसे 7.5 लाख रुपये और अस्पताल के खर्च के लिए 2 लाख रुपये की बीमा राशि दिया जाता है। इसके अलावा, इस बीमा के तहत मृतक के पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए भी 1 लाख रुपये दिए जाते हैं।

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First Published - June 5, 2023 | 5:26 PM IST

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