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Kanwar route: कांवड़ यात्रा मार्ग के लिए यूपी सरकार की 33,000 पेड़ काटने की योजना, NGT ने मांगी जानकारी

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Kanwar route: NGT ने इस मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की है।

Last Updated- June 01, 2024 | 4:15 PM IST
Yogi Adityanath

Kanwar Yatra Route 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया है कि गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर को जोड़ने वाली 111 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा मार्ग परियोजना के लिए 33,000 से ज्यादा बड़े पेड़ों को काटा जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, NGT ने इस मामले की सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख तय की है। उस दिन NGT अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव, अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल सरकारी अधिकारियों से इस बारे में और जानकारी मांगेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य सरकार को इन जिलों में परियोजना के लिए 1,10,000 पेड़ और पौधे काटने की अनुमति दी थी। ट्रिब्यूनल ने इस मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पर्यावरण मंत्रालय, लोक निर्माण विभाग और तीनों जिलों के जिलाधिकारियों से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। हालांकि, सरकार ने कुछ जानकारी दी है, लेकिन ट्रिब्यूनल ने और अधिक विस्तृत विवरण देने को कहा है।

सरकार ने NGT को बताया कि ये कांवड़ यात्रा मार्ग करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए है, जो हरिद्वार से गंगा जल लाकर यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों में वापस जाते हैं।

सरकार का कहना है, “ये रास्ता आम लोगों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए ‘बहुत भीड़भाड़ वाला’ माना जाता है। श्रावण के महीने में मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के कुल 54 गांव इस रास्ते पर आते हैं, जिससे यातायात में काफी दिक्कत होती है।” हालांकि, पर्यावरण नियमों के पालन को लेकर हरित न्यायालय (NGT) ने पहले भी कई सवाल खड़े किए थे।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिकारी ने बताया, “राज्य सरकार ने ललितपुर जिले में 222 हेक्टेयर जमीन पर वृक्षारोपण के लिए earmarked (निर्धारित) किया है और क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए हैं। हम अदालत को उन नियमों के बारे में सूचित करेंगे जिनका हमने पालन किया है.”

ये कांवड़ यात्रा मार्ग साल 2018 में प्रस्तावित किया गया था। ये पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के जिलों से होकर गुजरने वाली ऊपरी गंगा नहर के रास्ते का विकल्प है। 2020 में, सरकार की व्यय और वित्त समिति ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। इस मार्ग पर 10 बड़े पुल, 27 छोटे पुल और एक रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। गौर करने वाली बात ये है कि गंगा नहर पर बने ज्यादातर पुल 1850 के आसपास बनाए गए थे।

पिछले साल, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की खुली बिक्री पर रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों से पहले पुलिस कमिश्नरों, मंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश जारी किए थे।

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First Published - June 1, 2024 | 4:06 PM IST

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