facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Kejriwal Interim Bail: CM केजरीवाल को बड़ी राहत, SC ने दी अंतरिम जमानत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति 'घोटाले' से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी।

Last Updated- July 12, 2024 | 11:34 AM IST
Kejriwal asked for a meeting with the Lieutenant Governor on Tuesday, may resign केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मंगलवार को मुलाकात का वक्त मांगा, दे सकते हैं इस्तीफा
FILE PHOTO: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal

Kejriwal Interim Bail: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आबकारी नीति ‘घोटाले’ से जुड़े धनशोधन के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी।। कोर्ट ने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने 90 दिनों की कैद झेली है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में जमानत मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अभी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि केजरीवाल एक निर्वाचित नेता हैं और यह उनका निर्णय है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं या नहीं। इसके अलावा, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने ईडी मामले में उनकी गिरफ्तारी की वैधता से संबंधित प्रश्नों को वृहद पीठ के पास भेज दिया।

न्यायालय ने ईडी की गिरफ्तारी की शक्ति और नीति से संबंधित तीन प्रश्न तय किए और कहा कि केजरीवाल को 10 मई के आदेश की शर्तों के अनुसार अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।

ईडी ने धनशोधन मामले में केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल को 26 जून को सीबीआई ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। ये मामले दिल्ली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े हैं जो बाद में रद्द कर दी गई थी।

आम आदमी पार्टी ने किया पोस्ट

केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलने पर आम आदमी पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा ‘सत्यमेव जयते’।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने पर मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा, ” झूठे केस लगाकर सच को कब तक कैद में रखोगे मोदी जी पूरा देश आपकी तानाशाही को देख रहा है। ED कोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट सब मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल को को ईडी ने झूठा फंसाया गया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सत्य की जीत है। तानाशाही मुर्दाबाद।”

15 जुलाई को ईडी की याचिका पर होगी सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को 15 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचिबद्ध किया है। उच्च न्यायालय ने पहले निचली अदालत के 20 जून के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत केजरीवाल को मामले में जमानत दी गई थी।

क्यों ED ने किया था CM केजरीवाल को गिरफ्तार?

गौरतलब है कि CM केजरीवाल को दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में 21 मार्च को ED ने गिरफ्तार किया था। ED ने केजरीवाल पर आरोप लगाया गया था कि कुछ शराब विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में खामियां पैदा करने के लिए मनीष सिसोदिया और अन्य सहित आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं द्वारा एक आपराधिक साजिश रची गई थी।

 

First Published - July 12, 2024 | 10:51 AM IST

संबंधित पोस्ट