केरल के पर्वतीय वायनाड जिले में बड़े पैमाने पर भूस्खलनों के कारण मची तबाही के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा अन्य आपात सेवाओं के साथ मिलकर सेना बचाव अभियान संचालित कर रही है।
बचाव दल भूस्खलनों के बाद मलबे में दबे लोगों को बचाने तथा लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। भारतीय सेना भी बचाव अभियान में मदद कर रही है। एक रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 122 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) मद्रास की सेकेंड-इन-कमांड के नेतृत्व में 43 कर्मियों की एक टीम को बचाव प्रयासों में सहायता के लिए तैनात किया गया है।
इस टीम में एक चिकित्सा अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और 40 सैनिक शामिल हैं, जो प्रभावित क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि इसके अलावा, सेना का इंजीनियरिंग समूह भी भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव एवं संबंधित अभियानों के लिए जल्द ही वायनाड आएगा।
तमिलनाडु के सुलूर से आज सुबह वायनाड के लिए वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर रवाना हुए थे। एनडीआरएफ ने वायनाड में बचाव अभियान के लिए एक दल तैनात किया है जबकि तीन और दल रास्ते में हैं। अधिकारियों ने बताया कि एक दल इलाके में काम कर रहा है जबकि केरल, तमिलनाडु में अरक्कोणम और बेंगलुरु से एक-एक और दल भेजा जा रहा है।
एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक (अभियान) मोहसिन शाहिदी ने बताया कि ये दल वायनाड में बचाव कार्य के लिए तैनात राज्य सरकार के प्राधिकारियों और अन्य एजेंसियों की मदद करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ के प्रत्येक दल में करीब 30 कर्मी होते हैं। एनडीआरएफ के पहले दल ने 21 शव बरामद किए, एक व्यक्ति को बचाया तथा 74 लोगों को प्रभावित इलाके से बाहर निकाला। प्राधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा छह अधिकारियों के नेतृत्व में 67 डिफेंस सिक्योरिटी कोर (डीएससी) के कर्मी एक एम्बुलेंस और दो ट्रकों में सामान भरकर कन्नूर से वायनाड के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के अनुरोध पर एझीमाला नौसैन्य अकादमी से नौसेना का एक दल भी बचाव प्रयासों में मदद करने के लिए वायनाड पहुंचेगा। उसने बताया कि मुख्यमंत्री ने बचाव अभियानों में ड्रोन और पुलिस श्वान दल का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।
सीएमओ ने बताया कि कोझीकोड से प्रादेशिक सेना की एक बटालियन तथा उनका चिकित्सा दल भी वायनाड के लिए रवाना हो गया है।
राज्य के वन मंत्री ए के शशिंद्रन वायनाड पहुंच गए हैं और उन्होंने विभिन्न अस्पतालों में घायलों से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि विजयन के विशेष कार्य अधिकारी कार्तिकेयन को बचाव अभियानों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में स्थानीय स्वशासन विभाग के प्रधान निदेशक वी. संबाशिव राव को विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह वायनाड से काम करेंगे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पार्टी के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन भी जल्द ही वायनाड पहुंच सकते हैं और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बचाव अभियानों में मदद करने का आह्वान किया है। कांग्रेस ने भी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों तथा नेताओं को तलाश एवं बचाव प्रयासों में मदद करने का निर्देश दिया है।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष के. सुधाकरन ने राज्य प्रशासन से प्रभावित लोगों को दवा, भोजन, कपड़े सहित सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने और भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिवारों और अन्य पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाने को भी कहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य को आपात बाढ़ राहत निधि आवंटित करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पार्टी के सभी कार्यक्रमों को दो दिन के लिए स्थगित रखा जाए ताकि हर कोई बचाव प्रयासों में मदद कर सके। विजयन ने भी राज्य सरकार के सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को दिन भर के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। इस बीच, वायनाड में भूस्खलनों के बाद तिरुवनंतपुरम में पुलिस मुख्यालय में चौबीस घंटे चलने वाला एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
राज्य पुलिस के मीडिया प्रकोष्ठ ने एक बयान में यह जानकारी दी। उसने बताया कि केरल सशस्त्र पुलिस और मालाबार विशेष पुलिस की चौथी और पांचवीं बटालियन के कर्मी वायनाड के लिए रवाना हो गए हैं। इनमें वे कर्मी भी शामिल हैं जिन्हें आपदा प्रबंधन अभियानों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।