facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

दिल्ली NCR की तर्ज पर यूपी में बनेगा लखनऊ SCR, प्रदेश के ये 8 जिले होंगे शामिल

Advertisement
Last Updated- June 01, 2023 | 5:32 PM IST
Lucknow: Five historical buildings of Nawabs will be built as heritage hotels, weddings and other functions will be held

उत्तर प्रदेश दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर लखनऊ-राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) को विकसित करना चाहता है। लखनऊ-SCR – जिसमें लखनऊ और कानपुर में दो नोड शामिल हैं – इसमें लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर और हरदोई समेत 8 जिले शामिल होंगे।

प्रस्तावित क्षेत्र लगभग 34,000 वर्ग किलोमीटर कवर करेगा और लगभग 2.9 करोड़ आबादी को शामिल करेगा। लखनऊ संभागीय आयुक्त रोशन जैकब के अनुसार, यह क्षेत्र लखनऊ और कानपुर को विश्व स्तरीय आधुनिक शहरों के रूप में विकसित करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा। यह अगले चार से पांच सालों में ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लिए राज्य के लक्ष्य का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “दोनों शहरों के आसपास बड़ी संख्या में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जो युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेंगे।” इस बीच, राज्य ने प्रस्ताव के लिए परियोजना सलाहकार के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लखनऊ-SCR का विकास दिल्ली-NCR की तरह एक काउंटर मैग्नेट क्षेत्र के रूप में कार्य करेगा और निजी निवेश को आकर्षित करेगा।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “SCR पास के जिलों में आकर्षक नौकरी और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करके लखनऊ को भीड़भाड़ से मुक्त करेगा, जिससे बड़े शहरों में नौकरी के लिए युवाओं को जाने से रोका जा सकेगा।”

SCR जिलों को बेहतर परिवहन, लॉजिस्टिक और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यूपी में बड़ी संख्या में जिले पहले से ही एक्सप्रेसवे और हवाई मार्गों से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय कृषि और पारंपरिक उद्योगों का लाभ उठाने के काम आएंगे।

चूंकि लखनऊ और कानपुर को हाई स्पीड डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इस तरह से रोडमैप तैयार होने और लागू होने के बाद एससीआर के पास रफ्तार पकड़ने के लिए जमीनी कार्य पहले से ही तैयार होगा।

इसके अलावा, लखनऊ-एससीआर के मॉडल पर यूपी में 7 क्षेत्रीय विकास क्षेत्र भी स्थापित किए जाएंगे। ये सात जोन मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और झांसी हैं। जबकि यूपी के मुख्य सचिव के एससीआर के अध्यक्ष बनने की संभावना है। इस दौरान संबंधित संभागीय आयुक्त क्षेत्रीय विकास क्षेत्रों के प्रमुख होंगे।

Advertisement
First Published - June 1, 2023 | 5:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement