मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव | फाइल फोटो
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली एक कैबिनेट बैठक में बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की जमीन का अधिग्रण किए जाने पर बाजार दर का चार गुना तक मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। अब तक किसानों को दोगुना तक मुआवजा मिलता था।
इसके लिए सरकार ने 2015 के ‘मध्यप्रदेश भूमि अर्जन अधिनियम 2013’ के तहत मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 2 लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय समूचे मध्य प्रदेश की ग्रामीण इलाके की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। कैबिनेट ने शहरी इलाके में मुआवजे के आकलन को पहले की तरह रखा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय के चलते किसानों को गाइडलाइन दरों की तुलना में अपनी जमीन का चार गुना मुआवजा मिल सकेगा। इसे सरल भाषा में फैक्टर 1 से बढ़ाकर फैक्टर 2 करना कह सकते हैं। यह सभी बड़ी परियोजनाओं के लिए बेसलाइन का काम करेगा।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठ रही थी और इसकी पूर्ति के लिए कई तरह के पैकेज आदि देने पड़ते थे लेकिन अब इस मुआवजे में प्रत्यक्ष इजाफा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना 70-75 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हो रहा है। ऐसे में बहुत अधिक जमीन के अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में यह फैसला किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य दिलाने वाला साबित होगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गजट अधिसूचना के बाद यह आदेश सभी भूमि अधिग्रहण के मामलों पर लागू हो जाएगा। इस निर्णय के लागू होने से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।