प्रतीकात्मक तस्वीर
मध्य प्रदेश में वर्तमान रबी विपणन वर्ष के दौरान रिकॉर्ड 104.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की सरकारी खरीद की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक मध्य प्रदेश ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 13.46 लाख किसानों से गेहूं खरीदा। प्रदेश गेहूं की सरकारी खरीद के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है।
प्रदेश में सबसे पहले लघु एवं सीमांत किसानों से गेहूं की खरीदी की गई। कुल 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 34 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। इस विषय में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा, ‘मध्यप्रदेश ने किसानों से गेहूं खरीदी में पूरे देश में नया इतिहास रचा है। 13 लाख 46 हजार से अधिक किसानों से रिकॉर्ड गेहूं खरीदी कर प्रदेश ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है। विशेष संतोष इस बात का है कि पहली बार लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।’
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किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी और 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस के साथ कुल 2625 प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया है। किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं के लिए 23,708 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 78 लाख मीट्रिक टन का गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया था। लेकिन प्रदेश में गेहूं की बंपर पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर गेहूं की खरीद का लक्ष्य 130 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने का आग्रह किया था। इसके बाद केंद्र ने 22 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खरीदी की अनुमति देकर इसे 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया था।