प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने महादेव ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी ऐप के कथित अवैध संचालन की धनशोधन जांच के सिलसिले में नौवीं गिरफ्तारी की है।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि नीतीश दीवान को बृहस्पतिवार को रायपुर में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया और एक विशेष अदालत ने उसे 24 फरवरी तक ED की हिरासत में भेज दिया।
ED द्वारा इस मामले में की गई यह नौवीं गिरफ्तारी है। इसने इससे पहले कोलकाता निवासी नितिन टिबरेवाल, रायपुर में रहने वाले अमित अग्रवाल, कथित नकदी कूरियर असीम दास, पुलिस कांस्टेबल भीम सिंह यादव, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा, कथित “हवाला” सांचालक बंधु अनिल और सुनील दम्मानी तथा सतीश चंद्राकर नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
संघीय जांच एजेंसी ने दावा किया, “नीतीश दीवान संयुक्त अरब अमीरात में महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) के उच्चतम स्तर पर काम कर रहा था। वह महादेव ऐप के प्रवर्तकों का इस हद तक करीबी था कि उन्होंने उसे सट्टेबाजी संचालन स्थापित करने के अवसरों की तलाश के लिए जिम्बाब्वे भेजा था।
ED ने आरोप लगाया कि वह ऐप के अवैध संचालन के बारे में “पूरी तरह से अवगत” था और धन भेजने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बैंक खातों का संचालन कर रहा था।