facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Mumbai Trans Harbour Link: देश के सबसे लम्बे समुद्री पुल अटल सेतु का टोल शुल्क हुआ आधा

Advertisement

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक पर प्रतिदिन 100 किमी प्रति घंटे की गति सीमा के साथ 70,000 से अधिक वाहनों का आवागमन होने की उम्मीद है।

Last Updated- January 04, 2024 | 8:31 PM IST
Mumbai Trans-Harbour Link Bridge

देश के सबसे लंबे समुद्री पुल मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के उद्धाटन से पहले राज्य सरकार ने मुंबईकरों को बड़ी राहत देते हुए टोल टैक्स में 50 फीसदी की छूट का ऐलान किया है। एमटीएचएल का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल सेतु रखा गया है। इसका उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को करेंगे।

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में आज फैसला लिया गया है अटल सेतु पर अब 250 रुपये टोल लिया जाएगा जबकि इसके पहले मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने टोल की दर 500 रुपये तय की थी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी को देश के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु (एमटीएचएल) का उद्घाटन करेंगे। मुंबई के सेवरी और रायगढ़ जिले के न्हावा शेवा क्षेत्र के बीच 21.8 किलोमीटर लंबे पुल पर 250 रुपये टोल शुल्क वसूलने के फैसले को मंजूरी दी गई।

शिंदे ने कहा कि उद्घाटन के बाद यात्रा में केवल 15-20 का समय लगेगा जिसमें अभी दो घंटे का समय लगता है। इस पुल से इससे जुड़े क्षेत्रों में आर्थिक विकास संभव हो सकेगा।

यह समुद्री पुल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा जो राज्य के दो सबसे बड़े शहरों को जोड़ता है। छह लेन वाले इस पुल का 16.5 किलोमीटर लंबा हिस्सा समुद्र के ऊपर है, जबकि 5.5 किलोमीटर हिस्सा जमीन पर है।

इस समुद्री पुल के निर्माण योजना मुंबई में 70 के दशक की शुरुआत में बनाई गई थी। जो मुंबई को नवी मुंबई से सीधा जोड़े। लेकिन इस योजना की फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर धूल खाती रहीं। फिर अप्रैल 2018 में इस परियोजना की जमीनी शुरुआत हुई, काम को गति मिली और यह ड्रीम ब्रिज आकार लेने लगा और अब बनाकर तैयार हो गया।

50 साल पुराना सपना अब सच होने जा रहा है। फिर इस परियोजना का निर्माण 2018 में शुरु हुआ था और इसे 2022 तक पूरा होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें देरी हुई।

भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल का उद्घाटन 25 दिसंबर को होना था, लेकिन यह तय समय सीमा से चूक गया। पुल ने पिछले एक पखवाड़े में आयोजित भार वहन क्षमता परीक्षणों को पास कर लिया है और वाहनों के आवागमन के लिए खोले जाने के लिए तैयार है।

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक पर प्रतिदिन 100 किमी प्रति घंटे की गति सीमा के साथ 70,000 से अधिक वाहनों का आवागमन होने की उम्मीद है।

17,843 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ये 6-लेन एक्सप्रेस वे वाहन की खराबी का पता लगाने और कंट्रोल रूम को अलर्ट करने के लिए AI कैमरों से भी लैस होगा।

Advertisement
First Published - January 4, 2024 | 8:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement