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CPHI और पी-मेक इंडिया 2024: नोएडा में जुटेंगे फार्मा इंडस्ट्री के 50,000 से ज्यादा विजिटर और 2,000 एक्जीबिटर्स

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फार्मा उद्योग में नवाचार और किफायती सॉल्यूशंस को बढ़ावा देने वाला सीपीएचआई और पी-मेक इंडिया एक्सपो, 26-28 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होगा

Last Updated- November 13, 2024 | 7:25 PM IST
Indian Pharma’s New Growth Formula: Specialty Drugs Drive Profits from India to Africa

CPHI और पी-मेक इंडिया एक्सपो का 17वां संस्करण 26 से 28 नवंबर 2024 तक ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर में इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित होगा। इस एक्सपो का आयोजन इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य फार्मा इंडस्ट्री में इनोवेशन और किफायती सॉल्यूशंस को बढ़ावा देना है। इस साल इस एक्सपो में 50,000 से ज्यादा विजिटर और 2,000 से अधिक एक्जीबिटर्स शामिल होंगे।

सीपीएचआई इंडिया दक्षिण एशिया का प्रमुख फार्मा इवेंट है जो पूरे सप्लाई चेन को कवर करता है, जबकि पी-मेक फार्मास्युटिकल मशीनरी और इक्विपमेंट पर फोकस करता है। ये दोनों एक्सपो फार्मा इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं, जहां इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स आपस में विचार साझा कर सकेंगे और अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकेंगे।

भारत का फार्मा सेक्टर तेजी से ग्रोथ कर रहा है और 2024 तक इसके 65 बिलियन डॉलर और 2030 तक 130 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस एक्सपो का उद्देश्य फार्मा मशीनरी, नई टेक्नोलॉजी और मटेरियल्स में हो रहे डेवलपमेंट को प्रदर्शित करना और ग्लोबल तथा घरेलू कंपनियों को जोड़ना है।

इस एक्सपो में 10,000 से अधिक प्रोडक्ट्स दिखाए जाएंगे, और इसमें अमेरिका, यूएई, साउथ कोरिया, जापान, मिस्र, वियतनाम, इटली, बांग्लादेश, नेपाल, ईरान और यूके जैसे देशों की कंपनियां भाग लेंगी।

प्रमुख एक्जीबिटर्स में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बायोकॉन, ग्लेनमार्क लाइफसाइंसेज, मोरपेन लैबोरेटरीज, हेटेरो लैब्स, ल्यूपिन और मर्क लाइफ साइंस शामिल हैं। वहीं, पी-मेक के एक्जीबिटर्स में एसीजी, एक्यूपैक इंजीनियरिंग, पार्ले ग्लोबल टेक्नोलॉजीज और स्नोबेल मशीन्स जैसी कंपनियां फार्मा मैन्युफैक्चरिंग के लिए एडवांस्ड इक्विपमेंट पेश करेंगी।

इस बार के एक्सपो को सीआईपीआई, एफओपीई, आईपीईसी इंडिया और फार्मेक्सिल जैसे प्रमुख इंडस्ट्री एसोसिएशंस का सपोर्ट भी मिल रहा है, जिससे यह शो फार्मा इंडस्ट्री के लिए और भी महत्वपूर्ण बन गया है।

इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, योगेश मुद्रास ने कहा, “भारत का फार्मा सेक्टर, जो प्रोडक्शन के हिसाब से दुनिया में तीसरे स्थान पर है, तेजी से ग्रोथ कर रहा है। भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहां से हाई क्वालिटी वाली सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार की ‘फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री को मजबूत बनाने’ पहल से फार्मा क्लस्टर्स और एमएसएमई को 500 करोड़ रुपये का सहयोग मिल रहा है, जिससे क्वालिटी और सस्टेनेबिलिटी में सुधार होगा।”

सीपीएचआई और पी-मेक इंडिया एक्सपो पिछले 16 वर्षों से इंडस्ट्री के विकास को दर्शाता रहा है और अब यह ग्लोबल फार्मास्युटिकल कम्युनिटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

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First Published - November 13, 2024 | 7:24 PM IST

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