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No-Confidence Motion: सरकार के खिलाफ ‘इंडिया’ का अविश्वास

विपक्ष ने लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा प्रधानमंत्री का ‘मौनव्रत’ तोड़ने के लिए लाया गया अविश्वास प्रस्ताव

Last Updated- August 08, 2023 | 10:46 PM IST
Monsoon session of Parliament

लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने मणिपुर में हिंसा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव मजबूरी में लाना पड़ा ताकि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके।

सदन में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखते हुए यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया और मणिपुर के मुख्यमंत्री (एन बीरेन सिंह) को पद पर क्यों बनाए रखा?

उन्होंने दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मौन रहना चाहते हैं और वह अपनी सरकार, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की विफलताओं को सामने नहीं आने देना चाहते। विपक्ष के कुछ नेताओं ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ‘राजधर्म’ वाली चर्चित टिप्पणी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।

सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता गोगोई ने याद दिलाया कि 2002 के सांप्रदायिक दंगों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात का दौरा किया था।

उन्होंने कहा, ‘उन्हें (प्रधानमंत्री मोदी को) मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लग गए और (वह) केवल 30 सेकंड ही बोले… मंत्री कह रहे हैं कि वे बोलेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री के शब्दों की जो ताकत होती है उसका मुकाबला कोई मंत्री या सांसद नहीं कर सकता।’

चर्चा में भाग लेते हुए द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सदस्य टी.आर. बालू ने कहा कि दिवंगत वाजपेयी ’राजधर्म’ के साथ खड़े थे, लेकिन आज महिलाओं को जब निर्वस्त्र करके घुमाया गया तो हम उनके साथ खड़े नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया, ‘पूरी दुनिया ने मणिपुर में हुई घटनाओं की निंदा की है।’

गोगोई ने आरोप लगाया कि आज तक प्रधानमंत्री की तरफ से संवेदना का कोई शब्द नहीं है, न शांति की गुहार लगाई गई। कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री ने आज तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया? गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा में चुनाव आने से पहले मुख्यमंत्री को बदल दिया गया। मणिपुर के मुख्यमंत्री को ऐसा क्या आशीर्वाद दे रहे हैं?’

कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी ने कहा कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन पांच बिंदुओं- आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, संस्थाओं की स्वायत्तता, कूटनीतिक रिश्ते और सांप्रदायिक सद्भाव पर किया जाता है, लेकिन इन पांचों बिंदुओं पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। तिवारी ने कहा कि मणिपुर की सीमा म्यामां जैसे देश से लगती है जिसके सैन्य शासन के चीन के साथ रिश्ते जगजाहिर हैं।

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि यह प्रस्ताव गलत समय पर और गलत तरीके से लाया गया है। उन्होंने कहा, ‘देश में विभिन्न क्षेत्रों में जी-20 की बैठकें हो रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक देश मजबूत राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।’

रिजिजू ने पूर्ववर्ती सरकारों पर पूर्वोत्तर क्षेत्र को नजरंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इस क्षेत्र का विकास हो रहा है और यह क्षेत्र भारत का विकास इंजन बनने की ओर बढ़ा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मणिपुर की स्थिति आज पैदा नहीं हुई है बल्कि यह चिंगारी वर्षों पहले की है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद पूर्वोत्तर के विकास और इस क्षेत्र में अलगाववाद को रोकने के लिए उठाये जाने वाले कार्यों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘पिछले नौ वर्षो में पूर्वोत्तर में चरमपंथी, उग्रवादी गुटों से संबंधित आठ हजार से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण किया, इस क्षेत्र में अपहरण की घटनाओं में 81 प्रतिशत की कमी आई और अलगाववाद की घटनाओं में 76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।’

शिरोमणि अकाली दल (एम) के सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा हो रही है जो चिंता की बात है।

First Published - August 8, 2023 | 10:46 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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