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राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण की रफ्तार सुस्त, संशोधित लक्ष्य से भी काफी कम दिए गए ठेके

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मंत्रालय के समक्ष वित्त वर्ष 24 में 16,000 किलोमीटर के ठेके जारी करने का लक्ष्य था लेकिन भारतमाला परियोजना के संशोधित लागत अनुमानों के कारण गति कम हो गई।

Last Updated- February 18, 2024 | 10:06 PM IST
Highways

सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी में केवल 370 किलोमीटर राजमार्ग के ठेके दिए हैं और यह 2023-24 के मात्र दो महीने शेष रहने के कारण संशोधित लक्ष्य 10,000 किलोमीटर से काफी दूर जा रहा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग ने वित्त वर्ष 24 में 3,481 किलोमीटर राजमार्ग निर्माण के ठेके जारी किए हैं। यह बीते वर्ष की तुलना में करीब 60 प्रतिशत कम है।

मंत्रालय के समक्ष वित्त वर्ष 24 में 16,000 किलोमीटर के ठेके जारी करने का लक्ष्य था लेकिन भारतमाला परियोजना के संशोधित लागत अनुमानों के कारण गति कम हो गई। मंत्रालय ने यह मामला केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष नवंबर में उठाया था। इसमें मंत्रालय ने आगाह किया था कि इस वित्त वर्ष में कम ठेके दिए जाने का भविष्य पर असर पड़ेगा।

अंतरिम बजट के बाद बातचीत में केंद्रीय राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने इस समाचार पत्र को बताया था कि मंत्रालय 10,000 किलोमीटर सड़क की निविदाएं जारी करने पर विचार कर रहा था। लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, केंद्र को अगले दो महीनों में लगभग 6,500 किमी राजमार्ग अनुबंध देने की आवश्यकता है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह ठेका उम्मीद से कहीं ज्यादा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठेका बेहद बड़ा होगा। आईसीआरए के कारपोरेट रेटिंग के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट व ग्रुप हेड राजेश्वर बुरला ने कहा, ‘ऐसी उम्मीद नहीं है कि आने वाले दो महीनों के दौरान राजमार्ग परियोजना के ठेके दिए जाने में कोई बदलाव आएगा।

खासतौर पर मार्च में चुनावी आचार संहिता लागू हो जाएगी और इससे मंत्रालय के समक्ष बंदिशें खड़ीं होंगी। इस साल में 6,000-6,500 किलोमीटर की ठेके दिए जा सकते हैं।’

विशेषज्ञों के अनुसार कम संख्या में ठेके दिए जाने से वित्त वर्ष 25 में क्षेत्र के पूंजीगत व्यय पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि परियोजना के लिए निविदा दिए जाने और शुरुआत की तिथि में 9 से 12 महीने का अंतर होता है। अभी कई परियोजनाओं पर अच्छे ढंग से काम जारी है। ठेके कम दिए जाने का खासा असर वित्त वर्ष 26 में अधिक नजर आएगा। इस साल में राजमार्ग निर्माण की शुरुआत धीमी रही लेकिन फिर यह गति पकड़ता गया।

बीते माह 1,442 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ जबकि यह बीते वर्ष जनवरी की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 24 में केंद्र ने 7,658 किलोमीटर के राजमार्ग का निर्माण किया और यह बीते वित्त वर्ष 23 के 6,803 किलोमीटर से करीब 13 प्रतिशत अधिक है। बुरला के अनुसार निर्माण की गति कायम रहने की उम्मीद है।

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First Published - February 18, 2024 | 10:06 PM IST

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