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यूपी पुलिस के UPCOP ऐप में ‘किराए के हत्यारे’, ‘तस्कर’, ‘वेश्या’ और ‘ड्रग ट्रैफिकर’ जैसे ऑप्शन, लोगों ने जताई चिंता

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UPCOP app controversy: UPCOP ऐप में 'किराए के हत्यारे', 'तस्कर', 'वेश्या' और 'ड्रग ट्रैफिकर' जैसे प्रोफेशन को विकल्प के रूप में लिस्ट किया गया है।

Last Updated- April 23, 2024 | 6:09 PM IST
UP Police

उत्तर प्रदेश में किरायेदारों के वैरिफिकेशन और FIR दर्ज करने के लिए बनाए गए एक ऐप ‘UPCOP’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस ऐप में किरायेदारों के प्रोफेशन के लिए ड्रॉपडाउन मेन्यू में आपत्तिजनक चीज़ें शामिल की गई हैं। इसमें ‘किराए के हत्यारे’, ‘तस्कर’, ‘वेश्या’ और ‘ड्रग ट्रैफिकर’ जैसे प्रोफेशन को विकल्प के रूप में लिस्ट किया गया है।

दरअसल, UPCOP का मुख्य काम यही है कि उत्तर प्रदेश में रहने की जगह ढूंढ रहे किरायेदारों की जांच की जाए। लेकिन, कुछ लोगों ने जब इस ऐप के ‘किरायेदार वैरिफिकेशन’ वाले हिस्से में ये विकल्प देखे तो चिंता जताई और सोशल मीडिया पर इस ड्रॉपडाउन मेन्यू का स्क्रीनशॉट शेयर कर दिया। इस वजह से उत्तर प्रदेश पुलिस का ध्यान इस मामले पर गया है

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘UPCOP’ ऐप में किरायेदारों के लिए आपत्तिजनक प्रोफेशन को विकल्प के रूप में देने के मामले पर सफाई दी है। पुलिस ने माना है कि ऐप में यह गलती हो गई। उन्होंने बताया कि ये विकल्प राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा से आए थे। दिलचस्प बात ये है कि दूसरे राज्यों ने भी इसी तरह की समस्या बताई है। इसलिए उत्तर प्रदेश पुलिस एनसीआरबी के साथ मिलकर इस गलती को ठीक करने का प्रयास कर रही है।

हालांकि, पुलिस ने ये भी स्पष्ट किया है कि ‘किरायेदार वैरिफिकेशन’ विकल्प किरायेदारों को जांचने में मकान मालिकों की मदद के लिए दिया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘UPCOP’ ऐप में गलत किरायेदार प्रोफेशन को विकल्प के रूप में देने मामले पर और जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि एनसीआरबी का डेटा जो उन्हें मिला है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस समस्या को हल करने के लिए वह वही तरीका अपनाएगी जो पहले उत्तराखंड ने अपनाया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘UPCOP’ ऐप की निगरानी एक एडीजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व वाले तकनीकी सेवा विभाग द्वारा की जाती है। एनसीआरबी से मिले डेटा में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी पहले ऐसी ही समस्या सामने आई थी। उसी तरह से उत्तर प्रदेश पुलिस भी इस मामले का हल निकालने के लिए जरूरी बदलाव करेगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से एक नया मोबाइल ऐप आया है – UPCOP. ये ऐप आपकी कई सारी चिंताओं को दूर करने में आपकी मदद करेगा। किराये से मकान देने से पहले उनकी जांच करनी है? कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है? या फिर किसी कर्मचारी का वैरिफिकेशन कराना है? ये सब अब UPCOP ऐप के जरिए आसानी से हो जाएगा। इतना ही नहीं, चरित्र प्रमाण पत्र भी आप इस ऐप के जरिए बनवा सकते हैं।

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First Published - April 23, 2024 | 6:09 PM IST

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