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PM मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, संसद में ‘प्रधानमंत्री का गला घोंटने’ का लगाया आरोप

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PM Modi ने सभी दलों से आग्रह किया कि कम से कम पहली बार सदन में पहुंचने वाले सदस्यों को अवसर और चर्चा के दौरान अपने विचारों को प्रकट करने का मौका मिलना चाहिए।

Last Updated- July 22, 2024 | 3:24 PM IST
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर ‘नकारात्मक राजनीति’ करने और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संसद का ‘दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया तथा कहा कि संसद किसी ‘‘दल के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है।’’

संसद सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मंगलवार को पेश होने वाला केंद्रीय बजट अगले पांच वर्षों में सरकार की यात्रा की दिशा तय करेगा और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने की नींव रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के पिछले सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष ने ढाई घंटे तक देश के ‘‘प्रधानमंत्री का गला घोंटने’’ का प्रयास किया।

मोदी ने कहा कि लोगों ने लोकसभा चुनाव में अपना फैसला दे दिया है और अब सभी राजनीतिक दलों को अगले पांच साल देश के लिए मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने यह अपील सभी दलों के सांसदों से की।

उन्होंने हाल में संपन्न आम चुनाव की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘गत जनवरी से लेकर (जून में आम चुनाव संपन्न होने तक) हम लोगों के पास जितना सामर्थ्य था, जितनी लड़ाई लड़नी थी… लड़ ली, जनता को जो बात बतानी थी- बता दी। किसी ने राह दिखाने का प्रयास किया, किसी ने गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन अब वो (चुनाव प्रचार का) दौर समाप्त हुआ है, देशवासियों ने अपना निर्णय दे दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब चुने हुए सभी सांसदों का कर्तव्य है, सभी राजनीतिक दलों की विशेष जिम्मेदारी है कि…आने वाले पांच वर्ष के लिए हमें देश के लिए लड़ना है, देश के लिए जूझना है। एक और नेक बनकर जूझना है।’’

प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से पार्टी लाइन से ऊपर उठने और अगले चार से साढ़े चार वर्षों तक संसद के मंच का उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जनवरी 2029 चुनाव का वर्ष होगा। आप उसके बाद जाइए मैदान में। सदन का भी उपयोग करना है, कर लीजिए। वह (आम चुनाव से पहले के) छह महीने, जो खेल खेलने हैं, खेल लीजिए। लेकिन तब तक सिर्फ और सिर्फ देश, देश के गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को सशक्त करने के लिए जनभागीदारी का एक जन आंदोलन खड़ा कर 2047 के सपने को पूरा करने के लिए हम पूरी ताकत लगाएं।’’

मोदी ने कहा कि उन्हें बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि 2014 के बाद कोई सांसद पांच वर्ष के लिए आया और कुछ को 10 साल के लिए मौका मिला लेकिन बहुत से सांसद ऐसे थे, जिनको अपने विचारों से संसद को समृद्ध करने का अवसर ही नहीं मिला। उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘क्योंकि कुछ दलों की नकारात्मक राजनीति ने देश की संसद के महत्वपूर्ण समय को एक प्रकार से अपनी राजनीतिक विफलताओं को ढंकने के लिए दुरूपयोग किया है।’’

प्रधानमंत्री ने सभी दलों से आग्रह किया कि कम से कम पहली बार सदन में पहुंचने वाले सदस्यों को अवसर और चर्चा के दौरान अपने विचारों को प्रकट करने का मौका मिलना चाहिए।

संसद के पिछले सत्र में हुए व्यवधान को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि उस दौरान 140 करोड़ देशवासियों की आवाज को कुचलने का ‘अलोकतांत्रिक’ प्रयास हुआ था।

उन्होंने पिछले सत्र में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा पर लोकसभा में उनके जवाब के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का… लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है। और, इन सबका पश्चाताप तक नहीं है, दिल में दर्द तक नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है, दल के लिए नहीं भेजा है। ये सदन दल के लिए नहीं, ये सदन देश के लिए है।’’

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मौजूदा सत्र में सांसद पूरी तैयारी के साथ चर्चा को समृद्ध करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘देश को नकारात्मकता की जरूरत नहीं है। देश को एक विचारधारा, प्रगति की विचारधारा, विकास की विचारधारा, देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विचारधारा के साथ आगे बढ़ना होगा।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि देशवासियों की आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सभी दल सकारात्मक रूप से संसद का उपयोग करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देशवासी के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि भारत बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों से लगातार आठ प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ देश आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि करीब 60 साल के बाद कोई सरकार तीसरी बार सत्ता में वापस आई है और तीसरी पारी का पहला बजट उसे रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये बजट सत्र है। मैं देशवासियों को जो गारंटी देता रहा हूं… क्रमश: (क्रमिक) रूप से उन गारंटी को जमीन पर उतारने के लक्ष्य को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण बजट है। बजट हमारे उन पांच साल के कार्य की दिशा भी तय करेगा और ये बजट 2047 में, जब आजादी के 100 साल होंगे, तब विकसित भारत के सपने को पूरा करने की मजबूत नींव वाला बजट भी होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में सकारात्मक माहौल है और निवेश तथा प्रदर्शन एक तरह से चरम पर है। उन्होंने कहा, ‘‘ये अपने आप में भारत की विकास यात्रा का एक अहम पड़ाव है।’’

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First Published - July 22, 2024 | 3:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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