प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर पर स्मारक डाक टिकट और दुनिया भर में भगवान राम पर जारी डाक टिकटों के संग्रह की एक पुस्तक जारी की और कहा कि ये टिकट सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं हैं बल्कि इतिहास की किताबों, कलाकृतियों के रूपों और ऐतिहासिक स्थलों का सबसे छोटा रूप भी हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज पवित्र अयोध्या धाम की विरासत और भगवान श्री राम को समर्पित स्मारक डाक टिकट जारी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर दुनियाभर में प्रभु श्री राम पर जारी टिकटों से जुड़ी एक पुस्तक का अनावरण भी किया।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि स्मारक डाक टिकट और यह पुस्तक आने वाली कई पीढ़ियों को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के इस पावन अवसर का स्मरण कराती रहेगी।’
इससे पहले, उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि डाक टिकट केवल कागज या कलाकृति का एक टुकड़ा भर नहीं हैं बल्कि यह महाकाव्यों और महान विचारों का एक लघु रूप हैं।
रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मिकी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘जब तक पृथ्वी पर पर्वत हैं, नदियां हैं, तब तक रामायण की कथा, श्रीराम का व्यक्तित्व लोक समूह में प्रचारित होता रहेगा।’ अधिकारियों ने बताया कि इसके डिजाइन में राम मंदिर, चौपाई ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ सूर्य, सरयू नदी और मंदिर की एवं इसके आसपास की मूर्तियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि छह डाक टिकट राम मंदिर, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, जटायु, केवटराज और मां शबरी पर हैं। मोदी ने कहा कि राम, सीता और रामायण का महात्मय समय, समाज, जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से परे है और ये हर किसी को जोड़ते हैं।
डाक टिकट पर आधारित पुस्तक में भगवान राम की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाया गया है और 48 पृष्ठों की इस पुस्तक में अमेरिका, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, कनाडा, कंबोडिया और संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों सहित 20 से अधिक देशों द्वारा जारी डाक टिकटों को शामिल किया गया है।