आम आदमी पार्टी (आप) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना परिचय (बायो) शनिवार को बदलकर ‘निलंबित संसद सदस्य’ (suspended member of Parliament) कर दिया।

इससे एक दिन पहले चड्ढा को “नियमों के घोर उल्लंघन, कदाचार, अपमानजनक रवैये और अवमाननापूर्ण आचरण” के लिए राज्यसभा से विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया।
सदन के नेता पीयूष गोयल ने राघव चड्ढा द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने तथा सदन की एक समिति के लिए चार सदस्यों का नाम उनकी सहमति लिए बिना प्रस्तावित करने का मुद्दा उठाया।
चड्ढा पर आरोप है कि उन्होंने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023’ को पारित कराने की प्रक्रिया के दौरान प्रवर समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था और इस समिति के लिए चार सांसदों.. सस्मित पात्रा (बीजू जनता दल), एस फान्गनॉन कोन्याक (भारतीय जनता पार्टी), एम थंबीदुरई (ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक मुनेत्र कषगम) और नरहरि अमीन (भाजपा) के नाम उनकी अनुमति के बिना शामिल किए थे।
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चड्ढा ने शुक्रवार रात जारी एक बयान में कहा, ‘‘मेरा निलंबन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आज के युवाओं के लिए एक कड़ा संदेश है, यदि आप सवाल पूछने की हिम्मत करेंगे, तो हम आपकी आवाज को कुचल देंगे। मुझे दिल्ली सेवा विधेयक पर संसद में अपने भाषण के जरिए वे कठिन सवाल पूछने के कारण निलंबित किया गया जिनका दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कोई जवाब नहीं दे पाई।’’
उन्होंने कहा, “मेरा अपराध यह है कि मैंने दिल्ली के मुद्दे पर भाजपा के दोहरे मानदंडों का उजागर किया और उन्हें ‘आडवाणी-वाद’ एवं ‘वाजपेयी-वाद’ का पालन करने के लिए कहा। तथ्य यह है कि 34 वर्षीय सांसद ने उन्हें आईना दिखाया और उनसे जवाब मांगा, जिससे वे घबरा गए।”
आप नेता ने कहा, “भाजपा ने जिस तरह राहुल गांधी को संसद से बाहर करने की योजना बनाई, उससे पता चलता है कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के आम आदमी पार्टी के किसी भी सांसद को निलंबित करने और बाद में निष्कासित करने के लिए इसी तरह की रणनीति बनाने की इच्छा रखते हैं।”
चड्ढा, संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा से निलंबित होने वाले आम आदमी पार्टी के दूसरे सांसद हैं। इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह को 24 जुलाई को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था।