facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rural Electrification: REC को मिल सकती है रूफटॉप सोलर योजना

Advertisement

बिजली मंत्रालय इसके पहले कई राष्ट्रव्यापी योजनाओं के लिए आरईसी नोडल एजेंसी बना चुका है। इनमें दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना प्रमुख हैं।

Last Updated- January 10, 2024 | 10:17 PM IST
solar power plant- सोलर पावर प्लांट

बिजली क्षेत्र को धन मुहैया कराने वाली आरईसी लिमिटेड को नैशनल रूफटॉप सोलर स्कीम का काम सौंपा जा सकता है। केंद्र सरकार हरित ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विकेंद्रित सौर ऊर्जा पर ध्यान दे रहा है।

सूत्रों ने कहा कि योजना के लिए आरईसी लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा, जिससे इसकी पहुंच पूरे देश में हो सके और योजना की राह की अक्षमताएं दूर की जा सकें।

बिजली मंत्रालय इसके पहले कई राष्ट्रव्यापी योजनाओं के लिए आरईसी नोडल एजेंसी बना चुका है। इनमें दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना प्रमुख हैं।

इसके अलावा आरईसी इस समय केंद्र की एक और प्रमुख योजना रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) चला रही है, जिसका मकसद राज्य सरकारों की बिजली वितरण कंपनियों (आरडीएसएस) की वित्तीय सेहत और परिचालन संबंधी कामकाज में सुधार करना है।

अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं में आरईसी ने सफलता से काम किया है और वह रूफटॉप सोलर में भी वह सफलता दोहरा सकती है, जो अभी ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं में बहुत पीछे है। देश में कुल स्थापित सौर बिजली उत्पादन क्षमता 73 गीगावॉट है।

इसमें जमीन पर स्थापित (बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उत्पादन करने वाली इकाइयां) क्षमता 56.9 गीगावॉट है। वहीं ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर की क्षमता 11 गीगावॉट और ऑफग्रिड क्षमता 2.75 गीगावॉट है।

अधिकारी ने कहा, ‘देश के हर इलाके में आरईसी के कार्यालय हैं। केंद्र की सार्वभौमिक विद्युतीकरण योजना के तहत के तहत इन्हें बनाया गया है। इसकी वजह से आरईसी को इस तरह की सेवाएं व कार्यक्रम देश के सभी राज्यों और जिलों में चलाने की सुविधा मिल जाती है।’

अब तक यह कार्यक्रम और पोर्टल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा था। मंत्रालय ही फंड का वितरण, सेवा प्रदाता का चयन, परियोजना का आवंटन और नियमित निगरानी करता था।

Advertisement
First Published - January 10, 2024 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement