facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

असम के छह पारंपरिक शिल्पों को मिला GI टैग, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने दी सभी के बारे में जानकारी

प्रमाणित उत्पादों में असम जापी (एक पारंपरिक बांस टोपी) और असम बिहू ढोल (बिहू के दौरान बजाया जाने वाला पारंपरिक ढोल) शामिल हैं।

Last Updated- March 31, 2024 | 7:36 PM IST
Administrative work post-delimitation to start shortly in Assam: Himanta (

बिहू ढोल, जापी और सार्थेबारी घंटी धातु शिल्प सहित असम के छह पारंपरिक उत्पादों और शिल्पों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिए गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को यह जानकारी दी।

हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इन उत्पादों से करीब एक लाख लोगों की जीविका जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), आरओ गुवाहाटी के समर्थन से और पद्म श्री डॉ. रजनी कांत, जीआई विशेषज्ञ की सहायता से पारंपरिक शिल्पों को छह प्रतिष्ठित जीआई टैग प्रदान किए गए हैं। इसमें असम बिहू ढोल, जापी, सार्थेबारी धातु शिल्प और कुछ प्रतिष्ठित उत्पाद शामिल हैं। इतिहास में गहरी जड़ें जमा चुके ये उत्पाद लगभग एक लाख लोगों को सीधे जीविका प्रदान करते हैं।’

इन उत्पादों हेतु जीआई टैग के लिए आवेदन 2022 के उत्तरार्ध में दायर किए गए थे और इनके प्रमाणन की पुष्टि शनिवार को की गई थी।

प्रमाणित उत्पादों में असम जापी (एक पारंपरिक बांस टोपी) और असम बिहू ढोल (बिहू के दौरान बजाया जाने वाला पारंपरिक ढोल) शामिल हैं।

असम अशरिकांडी टेराकोटा शिल्प, असम पानी मटेका शिल्प, सार्थेबारी धातु शिल्प और असम मिसिंग हथकरघा उत्पाद कुछ अन्य उत्पाद हैं जिन्हें जीआई टैग प्रदान किया गया है।

First Published - March 31, 2024 | 7:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट