facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

असम के छह पारंपरिक शिल्पों को मिला GI टैग, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने दी सभी के बारे में जानकारी

Advertisement

प्रमाणित उत्पादों में असम जापी (एक पारंपरिक बांस टोपी) और असम बिहू ढोल (बिहू के दौरान बजाया जाने वाला पारंपरिक ढोल) शामिल हैं।

Last Updated- March 31, 2024 | 7:36 PM IST
Administrative work post-delimitation to start shortly in Assam: Himanta (

बिहू ढोल, जापी और सार्थेबारी घंटी धातु शिल्प सहित असम के छह पारंपरिक उत्पादों और शिल्पों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिए गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को यह जानकारी दी।

हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इन उत्पादों से करीब एक लाख लोगों की जीविका जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), आरओ गुवाहाटी के समर्थन से और पद्म श्री डॉ. रजनी कांत, जीआई विशेषज्ञ की सहायता से पारंपरिक शिल्पों को छह प्रतिष्ठित जीआई टैग प्रदान किए गए हैं। इसमें असम बिहू ढोल, जापी, सार्थेबारी धातु शिल्प और कुछ प्रतिष्ठित उत्पाद शामिल हैं। इतिहास में गहरी जड़ें जमा चुके ये उत्पाद लगभग एक लाख लोगों को सीधे जीविका प्रदान करते हैं।’

इन उत्पादों हेतु जीआई टैग के लिए आवेदन 2022 के उत्तरार्ध में दायर किए गए थे और इनके प्रमाणन की पुष्टि शनिवार को की गई थी।

प्रमाणित उत्पादों में असम जापी (एक पारंपरिक बांस टोपी) और असम बिहू ढोल (बिहू के दौरान बजाया जाने वाला पारंपरिक ढोल) शामिल हैं।

असम अशरिकांडी टेराकोटा शिल्प, असम पानी मटेका शिल्प, सार्थेबारी धातु शिल्प और असम मिसिंग हथकरघा उत्पाद कुछ अन्य उत्पाद हैं जिन्हें जीआई टैग प्रदान किया गया है।

Advertisement
First Published - March 31, 2024 | 7:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement