सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह अगले हफ्ते अनिल अंबानी की तरफ से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में अनिल अंबानी ने बैंकों के एक समूह द्वारा अपने बैंक खातों को धोखाधड़ी वाला बताए जाने को चुनौती दी है। बैंकों ने यह आरोप रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) की अन्य इकाइयों से जुड़े कथित 31,580 करोड़ रुपये के घोटालों के संबंध में लगाया था।
इस याचिका में बंबई हाई कोर्ट के खंडपीठ के फैसले को चुनौती दी गई है। फैसले में अंबानी को सुरक्षा देने वाला पिछला अंतरिम आदेश रद्द कर दिया गया था और बीडीओ इंडिया एलएलपी की फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक और इंडियन ओवरसीज़ बैंक को धोखाधड़ी के तौर पर वर्गीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली के पीठ ने तब मामले को अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, जब अंबानी के वकील ने इसके लिए और समय मांगा।