facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

‘पंजाब में जगह की कमी नहीं’: केंद्र ने धान भंडारण की चिंताओं को खारिज किया

Advertisement

मंत्रालय ने भंडारण क्षमता और आवाजाही की साप्ताहिक निगरानी के लिए एफसीआई की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।

Last Updated- October 27, 2024 | 7:56 PM IST
No special relaxation for any state in paddy procurement norms, government's strict stance on Punjab's demand धान खरीद मानदंडोें में किसी राज्य को विशेष छूट नहीं, पंजाब की मांग पर सरकार का सख्त रुख

केंद्र ने रविवार को उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि पंजाब में भंडारण जगह की कमी के कारण धान खरीद प्रभावित हो रही है। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को भरोसा दिया कि पर्याप्त भंडारण स्थान बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने भंडारण जगह की कमी संबंधी खबरों को खारिज करते हुए इसे निहित स्वार्थों के कारण फैलाई गई गलत सूचना करार दिया। जोशी ने खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की चेयरमैन वनिता रतन शर्मा के साथ मीडिया से बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जगह बनाना हमारी जिम्मेदारी है। हम इसका ध्यान रखेंगे।’’ उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय 14 लाख टन भंडारण क्षमता है, जो एक नवंबर तक बढ़कर 16 लाख टन हो जाएगी।

Also read: Hindustan Zinc की उत्पादन क्षमता दोगुना करने की योजना, करेगी 2 अरब डॉलर का निवेश

निजी उद्यमी गारंटी (पीईजी) योजना के तहत अतिरिक्त 31 लाख टन क्षमता विकसित की जा रही है। मंत्री ने बताया कि 3,800 मिल वालों ने धान उठाने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 3,250 को चावल बनाने के लिए भंडार आवंटित किया जा चुका है।

सरकार ने 9,819.88 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें से 7,641 करोड़ रुपये किसानों तक पहुंच चुके हैं। मंत्रालय ने भंडारण क्षमता और आवाजाही की साप्ताहिक निगरानी के लिए एफसीआई की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।

Advertisement
First Published - October 27, 2024 | 7:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement