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उत्तर प्रदेश बनेगा विनिर्माण का हब, देश का पहला एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेंटर स्थापित करने की तैयारी

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यह पहल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वैश्विक स्वतंत्र राष्ट्रीय और थीमेटिक केंद्रों के नेटवर्क में शामिल होगी, जिनमें चौथी औद्योगिक क्रांति के केंद्र भी शामिल हैं।

Last Updated- August 11, 2024 | 9:58 PM IST
India manufacturing wages

देश का पहला एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेंटर उत्तर प्रदेश में खोला जाएगा। विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका को देखते हुए इस केंद्र की स्थापना की जा रही है। एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेंटर की स्थापना उत्तर प्रदेश में निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर की जाएगी।

इन्वेस्ट यूपी के कार्यालय में उत्तर प्रदेश सरकार और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्लूईएफ) के सहयोग से भारत उन्नत विनिर्माण केंद्र पर सार्वजनिक-निजी कार्यशाला में बोलते हुए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि राज्य की जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को 25 फीसदी से बढ़ाकर 45 फीसदी तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश के उन्नत विनिर्माण परिदृश्य में अग्रणी बनाने का लक्ष्य है।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों, डिजिटलीकरण, और नवाचार के लिए एक हब के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। यह पहल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वैश्विक स्वतंत्र राष्ट्रीय और थीमेटिक केंद्रों के नेटवर्क में शामिल होगी, जिनमें चौथी औद्योगिक क्रांति के केंद्र भी शामिल हैं।

अपने संबोधन में, मनोज कुमार सिंह ने भारत के औद्योगिक क्षेत्र के भविष्य में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें राज्य की मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, सहायक नीति वातावरण, और गतिशील उद्यमशीलता की भावना पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि यह पहल उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में बदलने के विजन के साथ मेल खाती है।

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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सेंटर फॉर द फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन नेटवर्क की एशिया की एंगेजमेंट लीड और पार्टनर एंगेजमेंट की प्रमुख, वंदना मेनन ने उन्नत विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला के लिए वैश्विक केंद्र के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया।

कार्यशाला में पीटीसी इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, आदित्य बिड़ला ग्रुप, हायर, जेके सीमेंट, अशोक लीलैंड, ग्रीनलैम, हुंडई इंडिया, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आदित्य बिड़ला ग्रुप, आरएसीएल ग्रीनटेक लिमिटेड, भारतीयम बेवरेजेज सहित 40 से अधिक प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस पर विचार किया कि यह केंद्र वैश्विक और स्थानीय एजेंडा को कैसे जोड़ सकता है और वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की स्थानीय क्षमताओं को कैसे बढ़ावा दे सकता है। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश प्रक्रियाओं और समग्र व्यावसायिक वातावरण को बेहतर बनाने के तरीके पर विचार-विमर्श किया।

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First Published - August 11, 2024 | 7:38 PM IST

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