facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Mahakumbh 2025: मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, अखाड़ों की शोभा यात्रा ने खींचा ध्यान

Advertisement

महाकुंभ में मंगलवार को मकर संक्रांति के मौके पर रिकॉर्ड 3.5 करोड़ करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया।

Last Updated- January 14, 2025 | 7:52 PM IST
Mahakumbh 2025: 3.5 crore devotees took Amrit Snan on Makar Sankranti, Shobha Yatra of Akharas attracted attention मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, अखाड़ों की शोभा यात्रा ने खींचा ध्यान
Photo: PTI

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में मकर संक्रांति को पहला अमृत स्नान माना जाता है। मंगलवार को साधु-सन्यासियों के अखाड़ों ने पूरे विधि-विधान से शोभा यात्रा निकालते हुए अमृत स्नान किया। श्रद्धालु अखाड़ों के अमृत स्नान को देखने और नागा, बैरागी साधु, संतों का आशीर्वाद पाने के लिये कतारबद्ध हो कर खड़े थे। हाथों में माले, भाले, तीर, तलवार, त्रिशूल लिए नागा साधुओं ने मंगलवार तड़के ही संगम में अमृत स्नान किया।

अमृत स्नान की शुरूआत महानिर्वाणी अखाड़े के स्नान के साथ हुई। इसके बाद पूर्वनियोजित कार्यक्रम के अनुसार निरंजनी अखाड़ा, पंचदशनाम जूना अखाड़े के साथ आवाह्न और पंच अग्नि अखाड़े के नागा साधुओं ने स्नान किया। इनके बाद क्रमशः श्री पंच निर्मोही, पंच दिगम्बर अनि और श्री पंच निर्वाणी अनि के बैरागी अखाड़ों ने अमृत स्नान किया। अमृत स्नान में अंतिम क्रम उदासीन अखाडा और निर्मल अखाड़े के साधु-संन्यासियों के स्नान का था। नागा, बैरागी और उदासीन संन्यासी लाव लश्कर के साथ अमृत स्नान करने पहुंचे। वहीं अखाड़ों के आचार्य, मण्डलेश्वर, महामण्डलेश्वर अपने रथों पर सवार हो कर अमृत स्नान करने पहुचें।

महाकुंभ में पहले अमृत स्नान के दिन सभी अखाड़ों के साधु, संत सबसे आगे अपने-अपने अखाड़ों की धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। धर्म ध्वजा के पीछे अखाड़ों के नागा संन्यासी इष्ट देव के जयकारे लगाते हुए, इष्ट देव के विग्रह लेकर बाजे-गाजे, ढोल, नगाड़े बजाते हुए त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ रहे थे। उनके पीछे पीछे अस्त्र, शस्त्रों का प्रदर्शन करते हुए नागा संन्यासी, आम जन को दुर्लभ दर्शन और आशीर्वाद दे रहे थे। उनके पीछे क्रम से अखाड़ों के आचार्य, मण्डलेश्वर, महामण्डलेश्वर और आचार्य महामण्डलेश्वरों के रथ सज-धज कर चल रहे थे। सन्यासियों के स्नान के साथ ही करोड़ों की सख्यां में श्रद्धालुओं ने भी स्नान किया।

Also read: MahaKumbh 2025: 13 हजार ट्रेनें, टेंट सिटी और हॉस्पिटल से लेकर सुरक्षा तक; महाकुंभ में कैसे जुटी है Indian Railway

मकर संक्रातिं को महाकुंभ के पहले अमृत स्नान के संपन्न हो जाने बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए सभी संबंधित विभागों और संगठनों को धन्यवाद दिया। उन्होंने महाकुंभ को सनातन धर्म की अनुपम शक्ति और आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा, कि प्रथम अमृत स्नान पर्व पर आज 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य संतों और श्रद्धालुओं ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं दीं और आस्था के इस महायज्ञ के सुचारु रूप से चलने की कामना की।

Advertisement
First Published - January 14, 2025 | 7:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement