दिल्ली की एक अदालत ने चीन की फोन निर्माता कंपनी वीवो के खिलाफ धनशोधन से संबंधित मामले में लावा इंटरनेशनल कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) की जमानत याचिका पर शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा।
विशेष न्यायाधीश तरूण योगेश ने हरिओम राय द्वारा दायर याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया और केंद्रीय जांच एजेंसी को 29 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने आरोपी की ओर से पेश वकील नितेश राणा की दलीलें सुनने के बाद यह निर्देश दिया, जिन्होंने दावा किया कि चूंकि राय को हिरासत में रखकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने का कोई फायदा नहीं है।
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राणा ने न्यायाधीश से कहा, ‘‘आरोपी का धनशोधन और संबंधित अपराध से कोई लेना देना नहीं। वह सिर्फ एक उद्यमी हैं।’’
राय को पिछले महीने कुछ अन्य लोगों के साथ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि भारत में करों के भुगतान से बचने के लिए वीवो ने “अवैध रूप से” 62,476 करोड़ रुपये चीन को हस्तांतरित किए थे।