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कलकत्ता हाईकोर्ट जज के तौर पर इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन करने वाले अभिजीत गंगोपाध्याय कौन हैं?

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62 वर्षीय गंगोपाध्याय जुलाई में रिटायर होने वाले थे।

Last Updated- March 05, 2024 | 5:04 PM IST
EC bans BJP candidate Abhijit Gangopadhyay from campaigning for 24 hours चुनाव आयोग ने BJP उम्मीदवार और कोलकाता HC के पूर्व जज अभिजीत गंगोपाध्याय के प्रचार पर लगाई रोक

कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में अपना पद छोड़ने के तुरंत बाद, अभिजीत गंगोपाध्याय ने ऐलान किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि वह आधिकारिक तौर पर 7 मार्च को पार्टी में शामिल होंगे।

गंगोपाध्याय ने बताया कि वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं क्योंकि यह एक राष्ट्रीय पार्टी है और बंगाल में विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा भ्रष्टाचार का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है।

इससे पहले मंगलवार को गंगोपाध्याय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने पत्र की एक कॉपी कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम को भी भेजी।

कौन हैं अभिजीत गंगोपाध्याय?

62 वर्षीय अभिजीत गंगोपाध्याय जुलाई में रिटायर होने वाले थे। अपने पिछले कुछ फैसलों के लिए उन्हें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ा। गंगोपाध्याय 2018 में एडिशनल न्यायाधीश के रूप में उच्च न्यायालय में शामिल हुए और जुलाई 2020 में पर्मानेंट न्यायाधीश बन गए। वकील बनने से पहले, उन्होंने पश्चिम बंगाल सिविल सेवा अधिकारी के रूप में कार्य किया।

मई 2022 में, अभिजीत गंगोपाध्याय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच करने का आदेश दिया था। यह मामला 2014 से 2021 तक पश्चिम बंगाल के अधिकारियों द्वारा गैर-शिक्षण और शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा है। कथित तौर पर, सिलेक्शन टेस्ट में असफल होने के बाद इन पदों पर नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों ने 15 लाख रुपये तक की रिश्वत दी थी। नियुक्तियां पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा की गई थीं।

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अप्रैल 2023 में न्यायाधीश ने सीबीआई को विभिन्न विभागों में इसी तरह के अन्य संदिग्ध भर्ती घोटालों की जांच करने का निर्देश दिया। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि ये घोटाले आपस में जुड़े हुए हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, उनकी पत्नी और माता-पिता सहित सभी कथित शिक्षण भर्ती घोटाले में संदिग्ध हैं।

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First Published - March 5, 2024 | 5:04 PM IST

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