facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Women’s Day: ‘महिलाएं पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं’

एनआईआईटी लिमिटेड की मानव संसाधन प्रमुख मीता ब्रह्मा के अनुसार ज्यादातर संगठनों में वरिष्ठ कार्यकारी स्तर और बोर्ड स्तर पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए अभी भी बहुत

Last Updated- March 08, 2024 | 11:55 AM IST
Chennai, Bengaluru & Pune top cities for women in India

भारतीय आईटी उद्योग में शुरुआती और मध्य स्तर के कार्यबल में अब अधिक महिलाओं की भागीदारी के साथ लैंगिक विविधता में महत्वपूर्ण प्रगति देखी जा रही है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के अनुसार हालांकि शीर्ष स्तर और पुरुष प्रधान कॉरपोरेट निदेशक मंडलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी कम है और इस दिशा में बहुत काम करने की ज़रूरत है। विशेषज्ञों ने कहा कि अगर कोई संगठन लैंगिक समानता की दिशा में सक्रिय रूप से काम नहीं करता है तो उसके लंबे व्यावसायिक जीवन काल की संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के साथ ही व्यावसायिक जिम्मेदारियां भी अच्छी तरह निभा रही हैं। इनवो8 कोवर्किंग के संस्थापक रितेश मलिक ने कहा, ”महिलाओं की शिक्षा के लिहाज से भारत का प्रदर्शन बुरा नहीं है। आज हमारे देश में 29.5 प्रतिशत इंजीनियर महिलाएं हैं, जो ऑस्ट्रेलिया (14.5 प्रतिशत) और ब्रिटेन (16.9 प्रतिशत) जैसे देशों की तुलना में बहुत अधिक है।”

बिड़लासॉफ्ट की सीएफओ कामिनी शाह का मानना है कि भारतीय आईटी उद्योग ने लैंगिक विविधता में महत्वपूर्ण प्रगति देखी है और 20 लाख से अधिक महिलाएं अब कार्यबल में योगदान दे रही हैं।

एनआईआईटी लिमिटेड की मानव संसाधन प्रमुख मीता ब्रह्मा के अनुसार ज्यादातर संगठनों में वरिष्ठ कार्यकारी स्तर और बोर्ड स्तर पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए अभी भी बहुत काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ”अब हमारे पास कनिष्ठ और मध्य कार्यकारी स्तरों पर पहले से कहीं अधिक संख्या में महिलाएं हैं। ये प्रतिबद्ध, नवोन्वेषी और महत्वाकांक्षी हैं।

आज यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि बोर्डों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व हो।” उन्होंने कहा कि अगर किसी संगठन में समान लैंगिक प्रतिनिधित्व नहीं है, तो उसका जीवन काल लंबा नहीं हो सकता है। दूसरी ओर जोहो कॉरपोरेशन की कार्यक्रम प्रबंधक श्यामला रमेश ने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महिलाएं बीच में ही करियर छोड़ देती हैं, क्योंकि उन्हें वैसा समर्थन नहीं मिलता, जिसकी उन्हें जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारियां पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से कई गुना बढ़ गई हैं। महिलाओं को यह साबित करने के लिए दोगुनी मेहनत करने की जरूरत है कि वे अपने पुरुष समकक्ष से कम नहीं हैं। शिव नादर विश्वविद्यालय (दिल्ली-एनसीआर) की कुलपति अनन्या मुखर्जी ने कहा कि 146 देशों के एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 29.2 प्रतिशत है। इस अंतर को भरना बहुत जरूरी है।

First Published - March 8, 2024 | 11:43 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट