facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

एशिया खाद्य सुरक्षा के मामले में महामारी-पूर्व स्तर से भी पीछे, करोड़ों लोग कुपोषण के शिकार: FAO

Advertisement

FAO की रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त भोजन से वंचित अधिकांश लोग दक्षिण एशिया में हैं और महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम भोजन मिल रहा है।

Last Updated- December 11, 2023 | 7:32 PM IST
India Ranks 111th in Global Hunger Index 2023, Faces Alarming Rate of Child Wasting

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने एशिया में खाद्य सुरक्षा के अपने नवीनतम आकलन में कहा है कि क्षेत्र में भूख एक पुरानी समस्या बनी हुई है जहां कोविड-19 महामारी के पूर्व की तुलना में 2022 में 5.5 करोड़ से अधिक लोग कुपोषित थे।

एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त भोजन से वंचित अधिकांश लोग दक्षिण एशिया में हैं और महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम भोजन मिल रहा है।

द एफएओ का अध्ययन खाद्य आपूर्ति, उपभोग और आहार ऊर्जा आवश्यकताओं पर केंद्रित है। इस क्षेत्र में ऐसे अल्पपोषण से प्रभावित लोगों की हिस्सेदारी 2022 में उससे एक साल पहले के 8.8 प्रतिशत से गिरकर 8.4 प्रतिशत हो गई। हालांकि, यह महामारी शुरू होने से पहले कुपोषित लोगों के 7.3 प्रतिशत से अधिक है, जब कुछ अर्थव्यवस्थाएं खस्ताहाल हो गईं और लाखों लोगों की आजीविका छिन गई।

प्राकृतिक आपदाओं और खाद्य आपूर्ति में व्यवधान, जो अक्सर जलवायु परिवर्तन से जुड़े होते हैं, ने उन दबावों को बढ़ा दिया है। एफएओ के आंकड़ों से पता चलता है कि इस क्षेत्र में लोगों को मध्यम खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है, भोजन प्राप्त करने की उनकी क्षमता अनिश्चित है और पैसे की कमी के कारण कभी-कभी कम या खराब भोजन करना पड़ता है। ऐसे लोगों की संख्या दुनिया में 30 प्रतिशत के करीब है और एशिया- प्रशांत क्षेत्र में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत से ऊपर है।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अफ्रीका में ‘‘अभूतपूर्व खाद्य संकट’’ के कारण हर चार में से कम से कम तीन अफ़्रीकी स्वस्थ आहार नहीं ले सकते। दुनिया भर में पोषित 73.5 करोड़ लोगों में से आधे से अधिक लोग एशिया-प्रशांत में रहते हैं, उनमें से अधिकांश दक्षिण एशिया में हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया में कुपोषित लोगों की सबसे बड़ी क्षेत्रीय हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है, इसके बाद अफगानिस्तान में 30 प्रतिशत है। विश्व में अल्पपोषण का औसत 9.2 प्रतिशत है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को छोड़कर, ओशिनिया के प्रशांत द्वीपों में यह लगभग 21 प्रतिशत या पांच में से एक व्यक्ति से अधिक था। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिणी एशिया में लगभग 16 प्रतिशत लोग अल्पपोषित हैं।

Advertisement
First Published - December 11, 2023 | 7:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement