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चीन की रिसर्च शिप पहुंची श्रीलंका, अमेरिका ने जाहिर की सुरक्षा संबंधी चिंता

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श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘शी यान 6 को ईंधन फिर से भरने के लिए (कोलंबो) बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।’

Last Updated- October 25, 2023 | 7:20 PM IST
Chinese research ship docks at Colombo port amid security concerns raised by US

चीन का एक अनुसंधान पोत (रिसर्च शिप ) बुधवार को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमेरिका ने इस जहाज की यात्रा को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जाहिर की थी।

श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘शी यान 6 को ईंधन फिर से भरने के लिए (कोलंबो) बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।’

सूत्रों के अनुसार भारत द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं के कारण श्रीलंका ‘शी यान 6’ के आगमन की अनुमति देने में देरी कर रहा था। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह जहाज कोलंबो बंदरगाह पर कितने समय तक रहेगा।

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले सप्ताह चीन की यात्रा की थी। श्रीलंका ने अगस्त में घोषणा की थी कि चीन का अनुसंधान पोत श्रीलंका की ‘नेशनल एक्वेटिक रिसोर्स रिसर्च एंड डवलपमेंट एजेंसी’ के साथ साझेदारी में समुद्री अनुसंधान गतिविधियों के लिए अक्टूबर में यहां पहुंच सकता है। यह जहाज 1,115 डीडब्ल्यूटी की क्षमता वाला अनुसंधान या सर्वे पोत है।

अमेरिका ने चीन के अनुसंधान पोत की श्रीलंका यात्रा के कार्यक्रम को लेकर पिछले महीने द्वीपीय देश से चिंता जताई थी। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर श्रीलंकाई विदेश मंत्री अली साबरी से मुलाकात करने वाली अमेरिकी राजनयिक विक्टोरिया नूलैंड ने ‘शी यान 6’ की यात्रा के बारे में कथित तौर पर चिंता जताई थी। चीन नियमित आधार पर अपने अनुसंधान या निगरानी जहाजों को श्रीलंका भेजता रहता है। श्रीलंका में चीनी जहाजों के आने पर भारत चिंता जताता रहा है।

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First Published - October 25, 2023 | 7:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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