facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

G20 New Delhi Declaration: घोषणा में यूक्रेन युद्ध पर यूं बना संतुलन

Advertisement

संयुक्त बयान में रूस की चिंता को ध्यान में रखा गया। इसमें लिखा गया है, ‘विश्व में चल रहे टकराव व जंग के विपरीत असर और इससे मानवों को हो रही पीड़ा को लेकर हम चिंतित हैं।’

Last Updated- September 10, 2023 | 10:10 PM IST
Nataraja statue at Bharat Mandapam

भारत ने तय समय से एक दिन पहले जी20 के नेताओं की नई दिल्ली घोषणा पेश कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है, क्योंकि यह उम्मीद की जा रही थी कि यूक्रेन युद्ध पर मतभेदों के कारण आम सहमति नहीं बन सकेगी।

बहरहाल 100 प्रतिशत आम राय पर एक संयुक्त बयान जारी हुआ, जिसे हर देश की आपत्तियों के बेहतरीन संतुलन के साथ 200 घंटे की बातचीत के बाद तैयार किया गया था। रूसी पक्ष ने शिकायत की थी कि सिर्फ यूक्रेन युद्ध को नहीं लिया जाना चाहिए जबकि विश्व में तमाम टकराव और भी चल रहे हैं, जिनका वैश्विक असर है।

संयुक्त बयान में रूस की चिंता को ध्यान में रखा गया। इसमें लिखा गया है, ‘विश्व में चल रहे टकराव व जंग के विपरीत असर और इससे मानवों को हो रही पीड़ा को लेकर हम चिंतित हैं।’

नई दिल्ली घोषणा में युद्ध के संदर्भ में रूस के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है, वहीं पिछले साल बाली घोषणा में रूस के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की जगह यूक्रेन में युद्ध शब्द के इस्तेमाल को रूस के लिए एक और उपहार माना जा सकता है। अमेरिका के नेतृत्व वाला जी7 समूह यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा चाहता था।

बहरहाल बहुत शुरुआत से ही भारत ने रुख साफ कर रखा था कि वह सिर्फ विकास के मसले पर केंद्रित रहना चाहता है और युद्ध का मसला उसकी प्राथमिकता में नहीं है।

अमेरिका की चिंता परमाणु अस्त्रों के खतरे को लेकर थी, जिसे घोषणा में समायोजित कर लिया गया। घोषणा में कहा गया है, ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप सभी देशों को किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता व राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ क्षेत्रीय अधिग्रहण की धमकी या बल प्रयोग से बचना चाहिए। परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग की धमकी अस्वीकार्य है।’

Advertisement
First Published - September 10, 2023 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement