facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ईरान ने मोसाद के हेडक्वार्टर और F-35 लड़ाकू विमानों वाले इजरायली एयर बेस पर हमला किया: रिपोर्ट

Advertisement

बाकेरी ने बताया कि यह हमला मंगलवार रात को किया गया था, और इसका उद्देश्य इजरायली सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था।

Last Updated- October 02, 2024 | 3:19 PM IST
Iran vs Israel

मंगलवार देर रात ईरान ने इजरायल के दो सैन्य ठिकानों और खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, यह दावा ईरानी राज्य टीवी ने किया है। ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, मोहम्मद बाकेरी ने प्रेस टीवी को जानकारी दी कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस II’ नामक इस हमले में नेवातिम एयर बेस, नेतजारिम सैन्य ठिकाना और तेल नोफ खुफिया यूनिट को निशाना बनाया गया।

बाकेरी ने बताया कि यह हमला मंगलवार रात को किया गया था, और इसका उद्देश्य इजरायली सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था। तेहरान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेवातिम एयर बेस में इजरायल के एफ-35 लड़ाकू विमान रखे जाते हैं, और 27 सितंबर को बेरूत पर बमबारी करने वाले लड़ाकू विमानों ने इसी बेस से उड़ान भरी थी। ईरानी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन ठिकानों पर हाइपरसोनिक फतह मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

मोहम्मद बाकेरी ने यह भी बताया कि ईरान ने जानबूझकर नागरिक इलाकों और इमारतों को निशाना नहीं बनाया। IRGC एयरोस्पेस फोर्स द्वारा किया गया यह हमला 31 जुलाई को हमास प्रमुख इस्माइल हानिया और IRGC कमांडर अब्बास निलफोरुशान की हत्या, और 27 सितंबर को बेरूत में हिज़बुल्लाह नेता सैयद हसन नसरल्लाह की हत्या के जवाब में किया गया था।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि इजरायल के खिलाफ ईरान की सैन्य कार्रवाई उसके कानूनी अधिकारों के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य ईरान और पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इरना समाचार एजेंसी के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने अपने X अकाउंट पर लिखा, “यह कार्रवाई ईरान के हितों और नागरिकों की रक्षा के लिए की गई थी।”

इसके अलावा, इरना ने बताया कि ईरान के कई शहरों और कस्बों में मंगलवार रात लोग ईरानी, लेबनानी और फिलिस्तीनी झंडे लेकर सड़कों पर उतरे। वे इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स द्वारा इजरायली सैन्य ठिकानों पर सफल हमले का जश्न मना रहे थे और अपनी एकजुटता जाहिर कर रहे थे। (ANI के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - October 2, 2024 | 3:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement