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‘कट्टरपंथी’ कहने पर ISKCON ने बांग्लादेश सरकार को याद दिलाए बाढ़ के दिन

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इस्कॉन ने बांग्लादेश में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई थी।

Last Updated- December 15, 2024 | 9:11 PM IST
Radharaman Das, vice-president of ISKCON (KOLKATA), on Sunday termed the comments made by some leaders of political parties in Bangladesh as a “bundle of lies” and “worrisome”.

अंतराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन), कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने रविवार को बांग्लादेश में राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं की टिप्पणियों को ‘‘झूठ का पुलिंदा’’ और ‘‘चिंताजनक’’ करार दिया। बांग्लादेशी राजनीतिक दलों ने वैष्णवों के वैश्विक धार्मिक संगठन इस्कॉन को ‘‘कट्टरपंथी’’ करार दिया था।

दास ने कहा कि इस्कॉन सभी समुदायों के बीच शांति, सौहार्द, बंधुत्व व भाईचारे का पक्षधर है और दुनिया भर में संकट में फंसे लोगों की मदद करता है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में छात्र नेता, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेताओं और ‘‘धार्मिक कट्टरपंथियों’’ की ऐसी टिप्पणियों से संगठन को वहां अपनी भूमिका निभाने से रोका नहीं जा सकता। इस्कॉन ने बांग्लादेश में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई थी।

इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता दास ने यहां संवाददाताओं से कहा, “बीएनपी के कुछ नेताओं और कट्टरपंथी तत्वों द्वारा इस्कॉन के खिलाफ की गई टिप्पणियां झूठ का पुलिंदा हैं। ये चिंताजनक हैं। हमें उम्मीद है कि उन्हें सदबुद्धि आएगी और इस्कॉन अतीत की तरह उस देश में मानवता की सेवा कर सकेगा।” उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में खासकर हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद इस्कॉन की संपत्तियों पर बमबारी और आगजनी की गई। दास ने कहा, “हम इस तरह की शत्रुता समाप्त होने की उम्मीद करते हैं और आशा करते हैं कि चिन्मय कृष्ण दास को जल्द ही रिहा किया जाएगा और मोहम्मद यूनुस सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।”

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First Published - December 15, 2024 | 9:11 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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