facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन ने इमरान खान पर साधा निशाना, कहा- दरवाजे के पीछे मांगते हैं बातचीत की भीख

Advertisement

PML-N नेता राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पीटीआई की सोच राजनीतिक नहीं थी क्योंकि इसका उद्देश्य सेना के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करना था।

Last Updated- April 28, 2024 | 6:59 PM IST
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कुछ नेता सैन्य प्रतिष्ठान के संपर्क में हैं : इमरान खान , Some leaders of Pakistan Tehreek-e-Insaf are in touch with military establishment: Imran Khan

पाकिस्तान की मौजूदा गठबंधन सरकार के नेताओं ने केवल सेना के साथ बातचीत की मांग करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वह सेना को राजनीति में शामिल करना चाहते हैं तो उन्हें नागरिक अधिकारों की सर्वोच्चता को लेकर शिकायत नहीं करनी चाहिए।

दरअसल, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ नेता शहरयार आफरीदी ने गठबंधन सरकार से बातचीत के प्रस्तावों को लेकर शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी बातचीत करेगी, लेकिन बिलावल भुट्टो-जरदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) या सत्तारूढ़ PML-N के साथ नहीं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के वरिष्ठ नेता ख्वाजा साद रफीक ने कहा कि 71 वर्षीय खान की पीटीआई अगर सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करना चाहती है, तो उसे नागरिक अधिकारों की सर्वोच्चता को लेकर शिकायत नहीं करनी चाहिए।

रफीक ने कहा, ‘‘इमरान खान का व्यवहार यही रहा है कि उनका एक हाथ उनकी गर्दन पर और दूसरा उनके पैरों पर होता है। वह बाहर चिल्लाते हैं कि वह स्वतंत्रता के पैरोकार हैं और दरवाजे के पीछे बातचीत की भीख मांगते हैं।’’

उन्होंने कहा कि पीटीआई नेता के इस बयान से उनका रुख पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। पीएमएल-एन नेता ने कहा कि राजनेताओं को आज नहीं तो कल एक-दूसरे से संवाद करना ही होगा। इस बीच, टेलीविजन चैनल जियो न्यूज के एक कार्यक्रम के दौरान, पीएमएल-एन नेता राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पीटीआई की सोच राजनीतिक नहीं थी क्योंकि इसका उद्देश्य सेना के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करना था।

Advertisement
First Published - April 28, 2024 | 6:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement