प्रिंस हैरी ने ‘डेली मिरर’ के पब्लिशर के खिलाफ दायर फोन हैकिंग का मुकदमा जीत लिया है और लंदन के एक हाईकोर्ट ने न्यूज पेपर को उन्हें डैमेज के रूप में 1,40,000 ब्रिटिश पाउंड देने का आदेश दिया है। रुपये में आंका जाए तो यह रकम आज के हिसाब से 14,830,555 रुपये पर बैठती है।
हैरी ने ‘Mirror Group Newspapers (MGN)’ के खिलाफ कई मुकदमे किए हैं, जिनमें यह मुकदमा भी शामिल है।
हाईकोर्ट के जस्टिस टिमोथी फैनकोर्ट ने पाया कि मिरर ग्रुप के न्यूज पेपर्स के लिए सालों से फोन हैकिंग की जा रही थी।
इसके अलावा, जज ने कहा कि पियर्स मॉर्गन को फोन हैकिंग के बारे में पता था और उस समय वे डेली मिरर के संपादक हुआ करते थे और इस प्रक्रिया में शामिल थे। जस्टिस फैनकोर्ट ने कहा कि प्रिंस का पर्सनल फोन को साल 2003 से 2009 तक टारगेट किया गया था। उन्होंने कहा कि 2006 से 2011 तक मिरर ग्रुप के न्यूजपेपर्स ने बड़े लेवल पर फोन हैकिंग की थी।
फैनकोर्ट ने पाया कि मुकदमे के दौरान अखबारों के जिन 33 सैंपल ऑर्टिकल्स की बात की है, उनमें से 15 ऑर्टिकल गलत तरीकों से जुटाई गई सूचना पर आधारित थे। ड्यूक ऑफ ससेक्स यानी हैरी ने मुकदमे में मुआवजे के तौर पर 440,000 पाउंड (560,000 डॉलर) की मांग की थी।
किंग चार्ल्स III के अलग हुए छोटे बेटे हैरी की जून में दो दिनों तक विटनेस बॉक्स में उपस्थिति ने एक विवाद पैदा कर दिया क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया कि मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स ने ऐसे जर्नलिस्ट्स को नियुक्त किया था जो वॉइसमेल पर नजर रखते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यूजपेपर्स धोखे और गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल करने के लिए निजी जांचकर्ताओं (private investigators) को काम पर रखा था। इसका मतलब उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में जानना था।