facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ट्रम्प के फैसले ने US की अर्थव्यवस्था को डुबोया! रिपोर्ट में खुलासा- भारी मंदी की आहट, GDP ग्रोथ 2% से रहेगी नीचे

Advertisement

ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 2025 में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2.8% से घटकर 1.6% रह जाएगी।

Last Updated- June 03, 2025 | 5:10 PM IST
Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

US recession 2025: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका इस साल भारी मंदी की ओर बढ़ रही है। ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 2025 में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2.8% से घटकर 1.6% रह जाएगी और 2026 में यह और गिरकर 1.5% पर आ जाएगी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ट्रेड पॉलिसी और उनके द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ को बताया गया है।

OECD के मुताबिक, ट्रम्प ने इंपोर्ट पर औसत टैरिफ दर को 2.5% से बढ़ाकर 15.4% कर दिया है, जो 1938 के बाद सबसे ज्यादा है। इससे न सिर्फ अमेरिकी लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है, बल्कि आयातित कच्चे माल पर निर्भर कंपनियों के लिए भी लागत बढ़ गई है।

ट्रम्प ने लगभग हर देश से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगा दिया है और स्टील, एल्यूमिनियम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स पर खास टैरिफ भी थोपे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने स्टील और एल्यूमिनियम पर टैरिफ को 50% तक बढ़ाने की धमकी भी दी है। इस अनिश्चितता ने कारोबारियों और उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास डगमगा दिया है।

OECD के चीफ इकोनॉमिस्ट अल्वारो परेरा ने कहा कि ट्रेड बैरियर्स और नीतिगत अनिश्चितता ने वैश्विक व्यापार और निवेश को नुकसान पहुंचाया है। पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क की एक अदालत ने ट्रम्प के ज्यादातर टैरिफ को अवैध बताकर रोक दिया था, लेकिन अपील कोर्ट ने इन टैरिफ को लागू रखने की इजाजत दी है, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।

Also Read: ट्रम्प का बड़ा ऐलान: स्टील और एल्यूमिनियम पर अब 50% लगेगा टैरिफ, अमेरिकी मजदूरों को मिलेगा फायदा

क्या दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा असर?

वैश्विक अर्थव्यवस्था भी ट्रम्प की ट्रेड वॉर की मार झेल रही है। OECD का अनुमान है कि 2024 में 3.3% रही वैश्विक ग्रोथ 2025 में घटकर 2.9% हो जाएगी और 2026 में भी इतनी ही रहेगी। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन 2025 में 4.7% और 2026 में 4.3% की ग्रोथ दर्ज करेगा, जो पिछले साल के 5% से कम है। ट्रम्प के टैरिफ से चीनी निर्यातकों को नुकसान होगा, हालांकि बीजिंग ने ब्याज दरें घटाने और फैक्ट्री अपग्रेड जैसे कदमों से कुछ राहत देने की कोशिश की है।

दूसरी ओर, यूरो करेंसी का इस्तेमाल करने वाले यूरोप के 20 देशों में 2025 में 1% और 2026 में 1.2% की ग्रोथ रह सकती है, जिसमें यूरोपियन सेंट्रल बैंक की ब्याज दरों में कटौती मदद करेगी।

Advertisement
First Published - June 3, 2025 | 4:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement