facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

यूरोप के सबसे बड़े परमाणु प्लांट पर यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमला करने का रूस का दावा गलत : यूक्रेन

Advertisement

रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला कर दिया था

Last Updated- April 08, 2024 | 5:52 PM IST
Vladimir Putin

यूक्रेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रूस के उन आरोपों का खंडन किया है जिसमें यह कहा गया है कि उनके देश की सेना ने यूरोप के इस सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर विस्फोटक ड्रोन से हमला किया है। रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इस हमले के तुरंत बाद रूस ने दक्षिण यूक्रेन में स्थित इस परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया था और उसका संचालन अपने हाथ में ले लिया था।

रूस ने रविवार को दावा किया था कि दक्षिण यूक्रेन में स्थित एवं दो साल से उसके नियंत्रण में संचालित जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर यूक्रेन की सेना ने ड्रोन से हमला किया है। यूक्रेन की सेना की खुफिया एजेंसी के प्रवक्ता एंद्री युसोव ने दावा किया कि हमले के कोई संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस की सेना नियमित आधार पर जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले की फर्जी खबर प्रसारित करती रहती है।

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानीकर्ता एजेंसी ने हमले की पुष्टि की है लेकिन उसने यह नहीं स्पष्ट किया कि हमला किसने किया है । यूक्रेन पर फरवरी 2022 में किए गए रूसी हमले के बाद से यह संयंत्र बार-बार दोनों पक्षों के हमलों का शिकार रहा है। युद्ध के तुरंत बाद रूस ने इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।

संयुक्त राष्ट्र की निकाय अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी बार-बार संयंत्र से संभावित परमाणु आपदा आने को लेकर आगाह कर रहा है। संयंत्र के छह रिएक्टर महीनों से बंद हैं, लेकिन महत्वपूर्ण शीतलन प्रणाली एवं अन्य सुरक्षा सुविधाओं को संचालित करने के लिए इसे अब भी बिजली और प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रविवार को पुष्टि की छह में से एक रिएक्टर पर ड्रोन से हमला किया गया लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

Advertisement
First Published - April 8, 2024 | 5:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement