facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

COP28 में वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट, कहा- दुनिया जलवायु परिवर्तन की पांच अहम सीमाओं को पार करने के कगार पर

वैज्ञानिकों के अनुसार, दुबई में COP28 में जारी की गई ‘ग्लोबल टिपिंग पॉइंट्स’ रिपोर्ट प्राकृतिक प्रणालियों की सीमाओं पर किया गया अब तक का सबसे गहन मूल्यांकन है।

Last Updated- December 06, 2023 | 8:03 PM IST
cop28
Representative Image

संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में 200 वैज्ञानिकों की टीम ने बुधवार को जारी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट में आगाह किया कि मौजूदा तापमान वृद्धि के कारण पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्वपूर्ण पांच महत्वपूर्ण सीमाओं के पार कर जाने का खतरा है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, दुबई में अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन (सीओपी28) में जारी की गई ‘‘ग्लोबल टिपिंग पॉइंट्स’’ रिपोर्ट प्राकृतिक प्रणालियों की सीमाओं पर किया गया अब तक का सबसे गहन मूल्यांकन है। यह 26 महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान करता है, जिनमें क्रायोस्फीयर (हिमखंड) जैसे पांच महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जो जलवायु परिवर्तन के मौजूदा स्तर के कारण पहले से ही खतरे में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पांच प्रमुख बिंदुओं में ग्रीनलैंड और पश्चिमी अंटार्कटिक में बर्फ की चादरें, उत्तरी अटलांटिक उपध्रुवीय गायर सर्कुलेशन, गर्म पानी की मूंगा चट्टानें और कुछ पर्माफ्रॉस्ट क्षेत्र हैं।

ब्रिटेन के एक्सेटर विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के अध्यक्ष और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक प्रोफेसर टिम लेनन ने कहा, ‘‘ये महत्वपूर्ण बिंदु बहुत बड़े पैमाने पर खतरे पैदा करते हैं जिनका मानवता ने पहले कभी सामना नहीं किया है।’’

एक सकारात्मक बात यह है कि रिपोर्ट सामाजिक प्रगति में संभावित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालती है, जैसे कि नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि। एक्सेटर विश्वविद्यालय के डॉ. स्टीव स्मिथ ने कहा कि जिस तरह बदलाव के लिए नकारात्मक बिंदु होते हैं, उसी तरह सकारात्मक बिंदु भी एक-दूसरे को मजबूत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, जैसे-जैसे हम उस निर्णायक बिंदु को पार करते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन सड़क परिवहन का प्रमुख रूप बन जाते हैं, बैटरी तकनीक लगातार बेहतर और सस्ती होती जा रही है।’’

नॉर्वे के ओस्लो विश्वविद्यालय में गवर्नेंस लीड रिसर्च फेलो मंजना मिल्कोरिट ने कहा, ‘‘जैसे ही हम 1.5 डिग्री सेल्सियस पार करेंगे, इन बिंदुओं को पार करने के प्रयासों के उल्लंघन को रोकने के उपाय उपलब्ध नहीं रहेंगे।’’

जलवायु वार्ता में वार्ताकार जलवायु परिवर्तन के प्राथमिक कारण जीवाश्म ईंधन के जलने से निपटने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। मिल्कोरिट ने इस बात पर जोर दिया कि सदी के मध्य तक नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने से भी इन महत्वपूर्ण सीमाओं को पार करने से नहीं रोका जा सकेगा।

First Published - December 6, 2023 | 8:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट