facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Shein-Temu को झटका! अमेरिका ने घटाया ‘de minimis’ टैक्स, नई फीस लागू

Advertisement

अमेरिका में 'de minimis' नियम के तहत अगर किसी शिपमेंट की वैल्यू $800 या उससे कम है, तो उस पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगती।

Last Updated- May 13, 2025 | 2:28 PM IST
US China
Representative Image

अमेरिका ने चीन से आने वाले लो-वैल्यू सामान पर लगने वाले ‘डि मिनिमिस’ टैरिफ को 120% से घटाकर 54% करने का फैसला किया है। इसके साथ ही इन शिपमेंट्स पर अब $100 का फ्लैट शुल्क भी लगाया जाएगा। यह बदलाव 14 मई से प्रभाव में आएगा। यह फैसला व्हाइट हाउस द्वारा सोमवार (स्थानीय समय) को जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत लिया गया है।

यह कदम अमेरिका और चीन के बीच जिनेवा में हुई ट्रेड वार्ता और 90 दिनों के टैरिफ ब्रेक के ऐलान के ठीक एक दिन बाद आया है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से मौजूदा टैरिफ में 115 प्रतिशत अंकों की कटौती करने का फैसला लिया है।

इसके तहत अमेरिका ने चीन से आयातित सामान पर टैरिफ को 145% से घटाकर 30% कर दिया है, वहीं चीन ने अमेरिका से आने वाले सामान पर टैरिफ को 125% से घटाकर 10% कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव में राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

अब तक, ‘डि मिनिमिस’ नियम के तहत चीन से अमेरिका भेजे गए $800 तक के सामान पर कोई शुल्क नहीं लगता था और इन्हें सीमित जांच के बाद सीधे मंजूरी मिल जाती थी। लेकिन अब नए नियम के तहत इस छूट को सीमित कर दिया गया है और फ्लैट शुल्क व टैरिफ दोनों लागू होंगे।

अमेरिका ने फरवरी में ‘डि मिनिमिस’ (de minimis) छूट को खत्म कर दिया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा 120 प्रतिशत आयात शुल्क या प्रति पैकेज 200 डॉलर का तय शुल्क लगाने की घोषणा के बाद लिया गया। यह नया नियम जून से लागू हो जाएगा।

इस नियम के तहत अब तक विदेशी कंपनियां अमेरिका में 800 डॉलर तक के उत्पाद बिना शुल्क दिए भेज सकती थीं। इसका फायदा खासतौर पर चीन की ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे Shein और Temu उठा रही थीं।

 रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस छूट का इस्तेमाल न सिर्फ ऑनलाइन कंपनियां कर रही थीं बल्कि इसका गलत इस्तेमाल फेंटानिल जैसे खतरनाक ड्रग्स की तस्करी के लिए भी हो रहा था।

इस कदम से चीन की सस्ते उत्पाद बेचने वाली कंपनियों पर असर पड़ेगा और अमेरिकी बाजार में उनकी पकड़ कमजोर हो सकती है। वहीं, अमेरिकी सरकार को इससे टैक्स राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी और अवैध सामानों की आवाजाही पर भी अंकुश लगेगा।

 जानिए क्या है अमेरिका का ‘de minimis’ नियम

अमेरिका में ‘de minimis’ नियम के तहत अगर किसी शिपमेंट की वैल्यू $800 या उससे कम है, तो उस पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगती। यह नियम 1938 से लागू है और इसे टैरिफ एक्ट, 1930 के सेक्शन 321 के तहत मान्यता मिली हुई है।

इस नियम का मकसद कम मूल्य वाले सामान के आयात पर औपचारिक कस्टम प्रक्रियाओं को कम करना है, जिससे ऐसे उत्पादों का अमेरिका में प्रवेश आसान हो जाता है।

यही वजह है कि चीन की कंपनियां जैसे कि Shein और Temu, अमेरिका में अपने प्रोडक्ट्स बेहद कम कीमत पर बेच पाने में सफल रही हैं। उन्हें इन सस्ते प्रोडक्ट्स पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ता, जिससे वे अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी बनी रहती हैं।

Shein और Temu ने घटाया अमेरिका में विज्ञापन, Amazon ने UK और सऊदी में लॉन्च की नई सेवा

अमेरिका में चीन से आने वाले ज़्यादातर प्रोडक्ट्स पर अब ऊंचे टैरिफ लगने लगे हैं, जिससे सस्ते दामों की रणनीति पर काम कर रही चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। इसके चलते Shein और Temu जैसी कंपनियों ने अमेरिका में विज्ञापन खर्च कम कर दिया है और अब यूरोपीय बाज़ार की ओर रुख कर रही हैं।

इस बीच, Amazon ने ‘Amazon Haul’ नाम की एक नई सर्विस लॉन्च की है, जो फिलहाल यूके और सऊदी अरब में शुरू हुई है। यह सेवा भी Temu और Shein की तर्ज पर कम कीमतों पर प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती है।

टैरिफ के बीच बदली रणनीति

टैरिफ बढ़ने के बाद Shein और Temu ने अपनी लॉजिस्टिक्स रणनीति में बदलाव किया। पहले जहां हर ऑर्डर सीधे चीन के फैक्ट्री से अमेरिकी ग्राहक तक भेजा जाता था, अब कंपनियां माल को थोक में अमेरिका भेज रही हैं और उसे वहां के वेयरहाउस में स्टोर कर रही हैं।

Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Temu अब ऐसे प्रोडक्ट्स को प्रमोट कर रही है जो पहले से ही अमेरिका के गोदामों में मौजूद हैं। इतना ही नहीं, Temu ने 2 मई से अमेरिका में सभी बिक्री लोकल सेलर्स के जरिए करानी शुरू कर दी है।

इस बदलाव के चलते चीन और अमेरिका के बीच हवाई मालवाहन (air freight) ट्रैफिक में भी गिरावट देखी गई है।

Advertisement
First Published - May 13, 2025 | 2:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement