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ट्रंप का दावा: गाजा युद्धविराम करीब, एक हफ्ते में हो सकता है बड़ा समझौता

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इज़रायल और ईरान के बीच 12 दिन तक चले संघर्ष के बाद संघर्षविराम तो हो गया है, लेकिन बातचीत को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है।

Last Updated- June 28, 2025 | 11:14 AM IST
Donald Trump
US President Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि गाज़ा में जारी संघर्ष को रोकने की दिशा में प्रगति हो रही है और अगले एक सप्ताह के भीतर युद्धविराम की संभावना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं और अमेरिका वहां मानवीय सहायता के तौर पर धन और भोजन भेज रहा है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “मैंने वहां से जुड़े कुछ लोगों से बात की है। हालात वाकई बहुत खराब हैं। लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले हफ्ते तक युद्धविराम हो जाएगा। हम उस क्षेत्र को काफी पैसा और भोजन भेज रहे हैं।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी बातचीत किन लोगों से हुई और किस तरह का समझौता होने की संभावना है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की इस मुद्दे में सक्रियता मानवीय कारणों से है क्योंकि वहां लोग मारे जा रहे हैं।

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इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी कहा था कि ट्रंप इस युद्ध को रोकने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं। मैक्रों ने ब्रसेल्स में कहा, “मुझे लगा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को लेकर बेहद प्रतिबद्ध और दृढ़ हैं। युद्धविराम की जरूरत को वह बखूबी समझते हैं और उनकी सक्रियता इसमें अहम भूमिका निभा सकती है। उनकी टीम लगातार बातचीत में लगी हुई है।”

इज़रायल और ईरान के बीच 12 दिन तक चले संघर्ष के बाद संघर्षविराम तो हो गया है, लेकिन बातचीत को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। इस बीच, इज़रायल सरकार ने बताया है कि इस युद्ध से उसे करीब 10 अरब शेकेल (लगभग 3 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ है।

वित्त मंत्रालय और टैक्स अथॉरिटी के मुताबिक, इस युद्ध के दौरान इमारतों को मिसाइल हमलों से नुकसान पहुंचा और कई कारोबार प्रभावित हुए। इन्हें फिर से खड़ा करने और मुआवजे के लिए बड़ी राशि की जरूरत होगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने इज़रायल और गाजा में हमास के बीच युद्ध रोकने की कोशिशों में शामिल लोगों से बात की है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि बातचीत अब “करीब” है और जल्दी ही कोई हल निकल सकता है।

ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि हालिया इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान उनकी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लगभग रोज बातचीत होती रही। हालांकि, इस बीच ऐसी कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं है जिससे संकेत मिले कि इजरायल और हमास के बीच किसी नए संघर्ष विराम समझौते की दिशा में प्रगति हुई हो।

हमास की ओर से कहा गया है कि वह गाजा में बचे हुए बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है, बशर्ते युद्ध खत्म करने पर कोई समझौता हो। दूसरी तरफ, इजरायल की साफ शर्त है कि जब तक हमास को पूरी तरह से निष्क्रिय और निःशस्त्र नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष समाप्त नहीं होगा। हमास ने इस शर्त को सिरे से खारिज कर दिया है।

यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास से जुड़े उग्रवादियों ने इजरायल पर हमला कर 1,200 लोगों की जान ली और 251 को बंधक बना लिया। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसमें अब तक गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 56,000 से ज्यादा फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं।

इस सैन्य कार्रवाई ने गाजा की पूरी आबादी को बेघर कर दिया है और वहां भयानक भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय अदालतों में इजरायल के खिलाफ नरसंहार और युद्ध अपराधों के आरोप भी लगाए गए हैं। इजरायल ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है।

इज़रायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर सोमवार को वॉशिंगटन की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वे ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान गाज़ा, ईरान और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संभावित व्हाइट हाउस यात्रा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

इससे पहले, अमेरिका में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के कार्यालय की ओर से कहा गया कि उनके पास पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के अलावा और कोई जानकारी नहीं है। विटकॉफ इससे पहले जो बाइडन सरकार के कार्यकाल में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के एक समझौते में मदद कर चुके हैं। हालांकि, वह समझौता जल्द ही विफल हो गया था।

इस बीच, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इज़रायल-ईरान संघर्ष के बाद की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह जीत नई कूटनीतिक संभावनाएं लेकर आई है। उन्होंने कहा, “यह जीत शांति समझौतों को आगे बढ़ाने का एक अवसर है और हम इस दिशा में उत्साह से काम कर रहे हैं।”

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First Published - June 28, 2025 | 11:14 AM IST

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