facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

अमेरिकी राजदूत ने AI रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को लेकर भारत-अमेरिका के बीच गहन चर्चा पर जोर दिया

ORF द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में, गार्सेटी ने भयावह परिणामों से बचने के लिए एआई का सामना करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Last Updated- November 20, 2023 | 8:07 PM IST

भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने सोमवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर नियामक ढांचे को लेकर नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच ‘‘गहन चर्चा’’ की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि यह दोनों लोकतंत्र के बीच ‘‘बढ़ते संबंधों’’ का एक उदाहरण हो सकता है।

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में, गार्सेटी ने भयावह परिणामों से बचने के लिए एआई का सामना करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के साथ इस मुद्दे पर गहन बातचीत हुई है, लेकिन दोनों ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है।

गार्सेटी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने इस मुद्दे पर दृढ़ता से बात रखी है। पिछले महीने, बाइडन ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था जिसमें एआई विनिर्माताओं को संघीय सरकार को साइबर हमलों के जोखिम, एआई में डाटा के इस्तेमाल, इसके प्रदर्शन के संबंध में जानकारी देने को कहा गया था।

भारत-अमेरिका की ‘टू प्लस टू’ वार्ता पर गार्सेटी ने कहा कि दोनों पक्षों ने प्रमुख रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो औद्योगिक सहयोग और रक्षा में अमेरिका-भारत रोडमैप जैसी पहल के माध्यम से बढ़ती जा रही है तथा इसमें तेजी देखी जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका तालमेल और उभरते क्षेत्रों में सहयोग की वकालत की।

गार्सेटी ने कहा, ‘‘हम कभी-कभी केवल हथियारों और जो बेचा जा रहा है, या संभावित रूप से साथ मिलकर निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन हमारी सेनाओं का परिचालन स्तर…किसी भी उपकरण जितना ही महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि भारत से वीजा जारी करने के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के वास्ते अमेरिका कर्मचारियों की संख्या बढ़ा रहा है और अहमदाबाद सहित अन्य जगहों पर नए वाणिज्य दूतावास खोल रहा है।

गार्सेटी ने कहा कि हाल में हैदराबाद में एक वाणिज्य दूतावास खोला गया है और नए वाणिज्य दूतावासों के लिए बेंगलुरु और अहमदाबाद में परिसर देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में जारी किए जाने वाले अमेरिकी वीजा की संख्या हाल के हफ्तों में एक तिहाई बढ़ गई है और दूतावास के मौजूदा कैलेंडर वर्ष में सामान्य से 10-15 प्रतिशत अधिक वीजा जारी करने की संभावना है।

First Published - November 20, 2023 | 8:07 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट