एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट चलसानी ने कहा है कि एम्फी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को सेवानिवृत्ति और बच्चों के लिए म्युचुअल फंड (एमएफ) श्रेणियों को बंद करने के प्रस्ताव के संबंध में अपना पक्ष रखेगा।
इस ज्ञापन में योजना की दो श्रेणियों को अचानक बंद किए जाने से जुड़ी निवेशकों और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की चिंताओं को बताया जाएगा। ये दोनों श्रेणियां 57,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रबंधन करती हैं। इन समाधान वाली योजनाओं में अभी 41 फंड शामिल हैं और 62 लाख से अधिक फोलियो हैं।
सेबी ने 26 फरवरी को एएमसी को रिटायरमेंट फंड और चिल्ड्रन फंड जैसी सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीमों में तत्काल प्रभाव से निवेश रोकने का निर्देश दिया था। लेकिन एम्फी के अनुरोध पर बाजार नियामक ने बाद में इन स्कीमों में 31 मार्च तक निवेश की अनुमति दे दी है।
सेबी ने सेवानिवृत्ति और बच्चों के फंडों को समान परिसंपत्ति आवंटन और जोखिम प्रोफ़ाइल वाली अन्य योजनाओं के साथ विलय करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव लाइफ साइकल फंडों की नई श्रेणी शुरू करने की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके बारे में नियामक का मानना है कि यह समान दीर्घकालिक निवेश लक्ष्यों को पूरा कर सकता है।
चलसानी ने कहा, सेबी का मानना है कि लाइफ साइकल फंड सेवानिवृत्ति और बच्चों के फंड, दोनों श्रेणियों को कवर करेगा। लेकिन हमने उद्योग की चिंताओं से अवगत करा दिया है और बता दिया है कि कुछ चुनौतियां हो सकती हैं।