अपनी ही योजनाओं में म्युचुअल फंडों का दांव एक लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों का बिजनेस स्टैंडर्ड ने विश्लेषण किया है। इसके अनुसार योजनाओं की सभी श्रेणियों में प्रायोजक व सहायक निवेश फरवरी में 95,058 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह मार्च […]
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बड़े आकार के स्मॉलकैप फंडों का परिचालन करने वाले म्युचुअल फंडों ने इस हफ्ते नई पाबंदी का ऐलान किया है ताकि नकदी के जोखिम का बेहतर प्रबंधन और नियामक की चिंताएं दूर की जा सकें। इन फंडों में निवेश की सीमा तय करने वालों की सूची में फ्रैकलिन टेम्पलटन का नाम जुड़ गया है। फ्रैंकलिन […]
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स्मॉलकैप और मिडकैप क्षेत्र में मजबूत प्रवाह और ऊंचे मूल्यांकन के बीच फंड मैनेजर नकदी हाथ में रखने पर जोर दे रहे हैं। स्ट्रेस टेस्ट डेटा से पता चलता है कि स्मॉलकैप श्रेणी की करीब आधी योजनाओं के पास फरवरी के अंत तक 5 फीसदी या उससे अधिक की नकदी थी। इसकी तुलना में इस […]
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भारत के प्रमुख संपत्ति प्रबंधकों का कहना है कि भले ही स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में बुलबुले जैसी स्थिति कुछ क्षेत्रों तक सीमित है, लेकिन नियामकीय जांच से लगातार अनिश्चितता को बढ़ावा मिल सकता है। उनका कहना है कि वे अपने ग्राहकों को फिलहाल स्मॉलकैप में कम निवेश करने को कह रहे हैं। खासकर म्युचुअल […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद से म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) में अपनी एक-चौथाई हिस्सेदारी घटाई है। नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटीटेटिव रिसर्च की एक रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी के अंत में म्युचुअल फंडों के पास पेटीएम के 3.28 करोड़ शेयर […]
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देश की छह सबसे बड़ी स्मॉलकैप योजनाओं को अपनी शेयरधारिता 50 प्रतिशत कम करने के लिए 20 दिनों से अधिक समय की जरूरत होगी। जोखिम जांच (स्ट्रेस टेस्ट) के अनुसार इनमें ज्यादातर योजनाओं के पास नकदी की कोई कमी नहीं है और तेजी से कारोबार करने वाले लार्जकैप शेयरों में इनका निवेश भी अधिक है। […]
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PL वेल्थ मैनेजमेंट द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि फरवरी 2024 में 64% इक्विटी म्यूचुअल फंडों ने अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा। इसका मतलब है कि इन फंडों ने बाजार के औसत से बेहतर प्रदर्शन किया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इन फंडों की कुल संपत्ति (AUM) 2.76% बढ़कर 23,12,396 […]
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बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स की तुलना में बीएसई स्मॉल और मिडकैप सूचकांकों के मूल्यांकन का प्रीमियम पिछले एक साल में सबसे कम रह गया है। स्मॉल और मिडकैप सूचकांकों में हालिया गिरावट के बीच शेयरों का भाव घटने से प्रीमियम पर असर पड़ा है। बीएसई मिडकैप सूचकांक वर्तमान में पिछले भाव और आय के 26.2 गुना […]
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एक दिन पहले बिकवाली के कारण औंधे गिरे स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में आज अच्छी तेजी दिखी। कल लुढ़के ज्यादातर शेयरों में सुधार नजर आया। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 2 फीसदी चढ़ गया और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.5 फीसदी की तेजी आई। ये दोनों सूचकांक दो साल का सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए बुधवार […]
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सक्रियता से प्रबंधित मिडकैप व स्मॉलकैप योजनाएं पिछले एक साल में बेंचमार्क सूचकांकों को मात देने के लिए जूझती रही हैं लेकिन बाजार में गिरावट के दौर में उन्होंने सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। कुछ योजनाओं को छोड़कर दोनों श्रेणियों में सभी ऐक्टिव फंडों ने अपने प्रमुख बेंचमार्क के मुकाबले गिरावट को रोकने […]
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