प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने मंगलवार को एक नया आइडिया पेश किया है, जिसमें लोग गिफ्ट कार्ड या प्रीपेड कार्ड के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे। इसका मकसद है ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को निवेश से जोड़ना और सबके लिए निवेश को आसान बनाना।
इस योजना में कोई भी व्यक्ति गिफ्ट PPI खरीदकर किसी और को दे सकता है। जिसे यह गिफ्ट मिलेगा, वह उसी पैसे से सीधे म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेगा। इन कार्ड्स में पैसा सिर्फ बैंक ट्रांसफर या UPI से ही डाला जा सकेगा और ये जारी होने के बाद एक साल तक ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
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SEBI ने कहा है कि एक निवेशक साल भर में गिफ्ट PPI के जरिए ज्यादा से ज्यादा 50,000 रुपये ही लगा सकता है। इसकी निगरानी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट्स करेंगे, जो एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की तरफ से काम करते हैं। ये गिफ्ट PPI, ई-वॉलेट और कैश से किए गए निवेश पर नजर रखेंगे। अगर कोई ट्रांजेक्शन इस लिमिट से ज्यादा होता है, तो उसे तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा और पैसा वापस जारी करने वाले के एस्क्रो अकाउंट में चला जाएगा।
यह प्रस्ताव AMFI की सिफारिश के बाद आया है। AMFI ने SEBI से कहा था कि गिफ्ट PPI को म्यूचुअल फंड में निवेश का एक तरीका बनाया जाए। SEBI का मानना है कि गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड ऑप्शन पहले से ही शॉपिंग में काफी इस्तेमाल हो रहे हैं। डिजिटल पेमेंट्स बढ़ने से ये और भी आसान और सुरक्षित हो गए हैं।
अब SEBI ने इस पर आम लोगों से राय मांगी है। आप 14 अप्रैल तक अपने सुझाव दे सकते हैं। यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो अभी तक म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं करते थे।