NFO Alert: टाटा एसेट मैनेजमेंट ने सोमवार को अपने SIF प्लेटफॉर्म Titanium के तहत अपना दूसरा स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) लॉन्च किया। इस फंड का नाम ‘टाइटेनियम इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड’ है। यह फंड इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट कैटेगरी में रखा गया है और इसका मकसद मध्यम से लंबी अवधि में पूंजी में वृद्धि करना है। इसके लिए यह इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में लॉन्ग (खरीद) और शॉर्ट (बेचने) दोनों पोजीशन को एक्टिव रूप से मैनेज करेगा। फंड बाजार की स्थिति के अनुसार अपनी नेट इक्विटी एक्सपोजर को -25% से 100% के बीच लचीले तरीके से एडजस्ट कर सकता है। इस SIF का न्यू फंड ऑफर (NFO) 27 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 11 मई 2026 को बंद होगा।
फंड का नाम – टाइटेनियम इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड
फंड टाइप – इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट कैटेगरी
NFO ओपन डेट – 27 अप्रैल 2026
NFO क्लोजिंग डेट – 11 मई 2026
मिनिमम निवेश – ₹10 लाख
मिनिमम SIP निवेश – ₹1,000
एग्जिट लोड – अलॉटमेंट की तारीख से 1 महीने की अवधि पूरी होने से पहले रिडेम्पशन/स्विच-आउट करने पर 1% शुल्क लगेगा।
बेंचमार्क – Nifty 500 (TRI)
रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)
फंड मैनेजर – सूरज नंदा
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टाटा एसेट मैनेजमेंट के चीफ बिजनेस ऑफिसर आनंद वरदराजन ने कहा, “SIF फ्रेमवर्क ने म्युचुअल फंड्स और AIF/PMS के बीच एक नया रास्ता बनाया है। इससे हमें टैक्स-एफिशिएंट तरीके से बेहतर और एडवांस निवेश रणनीतियां लाने में मदद मिलती है। टाइटेनियम इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड के जरिए हम अपने SIF प्लेटफॉर्म को और मजबूत बना रहे हैं। अब यह सिर्फ आक्रामक हाइब्रिड फंड नहीं, बल्कि एक लचीला इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड बन गया है, जो हर तरह के बाजार में रिटर्न देने की कोशिश करेगा। यह फंड जरूरत के हिसाब से लॉन्ग या शॉर्ट पोजीशन ले सकता है। बाजार की स्थिति के अनुसार यह आर्बिट्राज जैसी रणनीति भी अपना सकता है। इससे निवेशकों को हर तरह के बाजार में निवेश करने की पूरी लचीलापन मिलती है।
टाइटेनियम इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड में इक्विटी को मुख्य आधार रखा गया है और लिस्टेड शेयरों में न्यूनतम 80% ग्रॉस निवेश बनाए रखा जाएगा। फंड अपनी इक्विटी एक्सपोजर को डेरिवेटिव्स के जरिए हेज भी कर सकता है और पोर्टफोलियो वैल्यू के अधिकतम 25% तक अतिरिक्त अनहेज्ड शॉर्ट पोजीशन ले सकता है। SIF नियमों के अनुसार, फंड की कुल ग्रॉस एक्सपोजर को नेट एसेट्स के 100% तक सीमित रखा गया है।
Titanium SIF के फंड मैनेजर सुरज नंदा ने कहा, “पुराने इक्विटी प्रोडक्ट हर बाजार वैल्यूएशन पर नेट इक्विटी को ऊंचा बनाए रखते हैं। टाइटेनियम इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड को बाजार के वैल्यूएशन के अनुसार डायनेमिक इक्विटी एलोकेशन करने के लिए डिजाइन किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह फंड इक्विटी को मुख्य आधार पर रखेगा, साथ ही हमें लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन के जरिए पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के विचार व्यक्त करने की सुविधा देगा। यह रणनीति जोखिम बढ़ने पर इक्विटी एक्सपोजर को हेज करने या अनुकूल परिस्थितियों में नेट इक्विटी एक्सपोजर को संभवतः 100% तक बढ़ाने की लचीलापन प्रदान करती है। पोर्टफोलियो के 25% तक अनहेज्ड शॉर्ट पोजीशन लेने की अनुमति के साथ, यह फंड बढ़ते और गिरते दोनों तरह के शेयरों में अवसरों को भुनाने का प्रयास करता है।
फंड का फोकस फंडामेंटल, बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन, अनुशासित जोखिम प्रबंधन और डेरिवेटिव्स के डायनेमिक उपयोग पर रहेगा, ताकि न केवल तेजी के दौर (अपट्रेंड) बल्कि साइडवेज और करेक्शन वाले बाजार में भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
फंड हाउस के मुताबिक, टाइटेनियम SIF प्लेटफॉर्म उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो अलग-अलग (डिफरेंशिएटेड) निवेश रणनीतियों की तलाश में हैं और यह समझते हैं कि स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) में पारंपरिक म्युचुअल फंड्स की तुलना में कैपिटल लॉस का जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा होता है।
SIFs, सेबी द्वारा रेगुलेटेड होते हैं और इनमें टैक्सेशन म्युचुअल फंड्स के जैसे ही लगता है। इनमें निवेश के लिए न्यूनतम राशि 10 लाख रुपये रखी गई है। ये फंड मुख्य रूप से हाई-नेट-वर्थ निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो ज्यादा बेहतर रिस्क मैनेजमेंट के साथ इनोवेशन की तलाश में रहते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)