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FASTag Annual Pass: 1 अप्रैल से बढ़ेंगे दाम, जानें अब हाईवे पर सफर के लिए कितनी ढीली होगी जेब

नेशनल हाईवे पर सफर अब महंगा होगा। NHAI ने 1 अप्रैल से फास्टैग सालाना पास की कीमत बढ़ा रही है और यह नियम उन सभी प्राइवेट गाड़ियों पर लागू होगा जिनमें एक्टिव FASTag लगा हुआ है

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ऋषभ शर्मा   
Last Updated- March 15, 2026 | 4:47 PM IST

अगर आप अपनी कार या प्राइवेट गाड़ी से अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag के सालाना पास (Annual Pass) की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से यह पास महंगा होने जा रहा है।

NHAI द्वारा 15 मार्च को जारी किए गए आदेश के मुताबिक, नॉन-कमर्शियल यानी निजी वाहनों के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह नियम उन सभी प्राइवेट गाड़ियों पर लागू होगा जिनमें एक्टिव FASTag लगा हुआ है।

क्या है FASTag सालाना पास और कैसे करता है काम?

सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की थी। इसका मकसद उन लोगों को राहत देना था जो बार-बार हाईवे का इस्तेमाल करते हैं।

  • वन-टाइम पेमेंट: बार-बार टोल प्लाजा पर पैसे कटने की झंझट के बजाय, आप एक बार में फिक्स्ड सालाना फीस चुका सकते हैं।
  • सफर की सीमा: इस पास के जरिए आप एक साल में अधिकतम 200 बार टोल प्लाजा क्रॉस कर सकते हैं।
  • वैलिडिटी: यह पास या तो एक साल के लिए मान्य होता है या फिर 200 ट्रिप पूरे होने तक। अगर आप साल खत्म होने से पहले ही 200 चक्कर पूरे कर लेते हैं, तो आपका अकाउंट वापस नॉर्मल FASTag की तरह काम करने लगेगा। ऐसी स्थिति में आप दोबारा नया सालाना पास भी खरीद सकते हैं।

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कहां और कैसे मिलेगा यह पास?

NHAI के अनुसार, यह सुविधा देश भर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा और नेशनल एक्सप्रेसवे पर उपलब्ध है। इसे खरीदना भी काफी आसान है। आप ‘राजमार्ग यात्रा’ (Rajmarg Yatra) मोबाइल ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे ले सकते हैं। इससे आपको बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एक बार के भुगतान में ही आप साल भर की चिंता से मुक्त हो जाएंगे।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलता है जो काम के सिलसिले में या निजी कारणों से अक्सर एक शहर से दूसरे शहर आते-जाते रहते हैं। आंकड़ों की मानें तो इस पास के जरिए प्रति ट्रिप (Per Trip) पड़ने वाली लागत सामान्य टोल रेट के मुकाबले काफी कम बैठती है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के डेटा के अनुसार, वर्तमान में लगभग 50 लाख से ज्यादा लोग इस सालाना पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेशनल हाईवे पर होने वाले कुल कार ट्रांजेक्शन में इस पास की हिस्सेदारी करीब 28 फीसदी है।

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तेजी से बढ़ रही है FASTag की लोकप्रियता

देश में डिजिटल टोल कलेक्शन का सिस्टम यानी FASTag काफी सफल रहा है। साल 2016 से अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 5.9 करोड़ फिलहाल एक्टिव मोड में हैं। जैसे-जैसे हाईवे का नेटवर्क बढ़ रहा है, लोग समय और पैसे बचाने के लिए इस तरह की पास स्कीमों को हाथों-हाथ ले रहे हैं।

First Published : March 15, 2026 | 4:22 PM IST