Representative image
Post Office Monthly Income Scheme: शेयर बाजार की उठापटक और म्यूचुअल फंड के जोखिम से परेशान निवेशकों के लिए आज भी पोस्ट ऑफिस की कई योजनाएं भरोसे का बड़ा विकल्प बनी हुई हैं। इन्हीं में से एक है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी POMIS। यह स्कीम उन लोगों के लिए खास मानी जाती है, जो बिना ज्यादा जोखिम लिए हर महीने तय इनकम चाहते हैं।
इस योजना में एक बार निवेश करने के बाद निवेशक को हर महीने ब्याज के रूप में निश्चित रकम मिलती रहती है। खास बात यह है कि निवेश की सुरक्षा सरकार के भरोसे पर होती है, इसलिए इसमें जोखिम बेहद कम माना जाता है।
सरकार ने कुछ समय पहले इस स्कीम की निवेश सीमा बढ़ा दी थी। अब कोई भी व्यक्ति सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम 9 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। वहीं ज्वाइंट अकाउंट में यह सीमा 15 लाख रुपये तक है।
इस स्कीम में अधिकतम तीन वयस्क मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं। सभी खाताधारकों की हिस्सेदारी बराबर मानी जाती है। पति-पत्नी, माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्य मिलकर भी इसमें निवेश कर सकते हैं।
यह पढ़ें: सिर्फ 10,000 महीना जमा कर 5 साल में बनाएं लाखों का फंड, जानें पूरा कैलकुलेशन
फिलहाल पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है। अगर कोई निवेशक ज्वाइंट अकाउंट के जरिए 15 लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे हर महीने तय रकम ब्याज के तौर पर मिलती रहेगी।
योजना की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। यानी पांच साल पूरे होने पर निवेशक को उसका पूरा 15 लाख रुपये वापस मिल जाएगा। इसके अलावा पूरे समय तक हर महीने ब्याज की कमाई अलग से होती रहेगी।
यह पढ़ें: पति-पत्नी के लिए बेस्ट सेविंग प्लान! ₹5 लाख निवेश पर हर महीने मिलेगी गारंटीड इनकम
पोस्ट ऑफिस इस स्कीम पर TDS नहीं काटता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री है। इस स्कीम से होने वाली कमाई आपकी कुल आय में जुड़ती है और टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देना पड़ सकता है।
यह स्कीम 5 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आती है। एक साल से पहले पैसा नहीं निकाला जा सकता।
इस स्कीम का मंथली ब्याज पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट या बैंक अकाउंट से लिंक कराया जा सकता है। इससे हर महीने तय तारीख पर ब्याज की रकम अपने आप खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
यह योजना खास तौर पर रिटायर्ड लोगों, गृहिणियों और ऐसे निवेशकों के लिए बेहतर मानी जाती है, जो हर महीने नियमित आय चाहते हैं और जोखिम से दूर रहना पसंद करते हैं। कम जोखिम और तय इनकम की वजह से POMIS आज भी छोटे निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है।