पिछली तिमाही कच्चे तेल की कीमतों के लिए अपेक्षाकृत मजबूती भरी रही। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के शुरुआती दौर में लगे झटकों के बाद जिंस कीमतों में भी बीते तीन महीनों के दौरान इजाफा देखने को मिला। जून के अंत में जब पश्चिमी टैक्सस इंटरमीडिएट क्रूड की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, […]
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वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में शेयर बाजार के प्रदर्शन से निवेशक संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इसके लिए उनके पास पर्याप्त कारण भी मौजूद हैं। परंतु, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सतर्क दृष्टिकोण रखने के भी पर्याप्त कारण हैं। इस वर्ष अप्रैल के बाद से वृहद बाजार सूचकांक 12-13 प्रतिशत तक […]
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संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बमुश्किल एक सप्ताह बाद शोध पत्रिका द लांसेट ने एक अध्ययन प्रकाशित किया है जो कैंसर के इलाज में महिला-पुरुष भेदभाव को रेखांकित करता है। ‘महिलाएं, सत्ता और कैंसर’ शीर्षक वाले इस अध्ययन में दुनिया के 185 देशों में महिलाओं और कैंसर को लेकर अध्ययन किया गया […]
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सरकार ने गत 25 सितंबर से प्रभावी होने वाले जो नए ऐंजल टैक्स नियम (New Angel Tax Rules) अधिूसूचित किए हैं, ऐसा लगता नहीं है कि उनके लागू होने से गैर सूचीबद्ध कंपनियों (मुख्यत: स्टार्टअप) में विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए मूल्यांकन के तरीकों को लेकर उत्पन्न होने वाले संभावित विवाद हल हो सकेंगे। […]
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस आरोप ने भारत और कनाडा के रिश्तों को और खराब कर दिया है कि इस वर्ष जून में वैंकूवर के सरी में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका थी। दोनों देशों के अपेक्षाकृत कमतर आर्थिक रिश्तों को देखते हुए शुरुआत में लगा कि […]
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सरकार ने लैपटॉप तथा सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर से जुड़ी अन्य सामग्री पर प्रतिबंध लगाने का जो निर्णय लिया था उससे वह पूरी तरह तो नहीं लेकिन आंशिक रूप से पीछे हटी है। प्रभारी केंद्रीय मंत्री के मुताबिक अब एक ‘आयात प्रबंधन प्रणाली’ लागू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य है लैपटॉप आपूर्ति […]
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जेपी मॉर्गन ने गत सप्ताह यह घोषणा की कि भारत सरकार के बॉन्डों को उसके उभरते बाजारों के सरकारी बॉन्ड सूचकांक में शामिल किया जाएगा। इस खबर से वित्तीय बाजारों और सरकार दोनों में काफी उत्साह देखने को मिला। इस सूचकांक में 236 अरब डॉलर की प्रबंधन योग्य परिसंपत्ति है और चूंकि इसमें भारत की […]
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सन 1981 में दक्षिण भारत के चार राज्य (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु) राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों में पांचवें हिस्से से कुछ अधिक के बराबर योगदान करते थे। अब इनकी संख्या पांच हो गई है क्योंकि तेलंगाना आंध्र प्रदेश से अलग हो गया है। आर्थिक गतिविधियों में उनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर लगभग तिगुनी यानी 30 […]
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भारत के लिए सबसे बड़ी नीतिगत चुनौतियों में से एक रही है युवाओं और बढ़ती श्रम योग्य आबादी के लिए रोजगार की व्यवस्था करना। सन 1980 के दशक के मध्य से ही हमारी आर्थिक वृद्धि में तेजी आ रही है लेकिन रोजगार की स्थिति में कोई वांछित बदलाव नहीं आ रहा है। हालांकि कुछ पहलुओं […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने घरेलू वित्तीय बचत के जो आंकड़े इस सप्ताह पेश किए हैं, उन्होंने अर्थशास्त्र के विद्वानों को चौंका दिया है और इनका मध्यम अवधि की वृद्धि पर गहरा असर हो सकता है। आंकड़ों से पता चलता है कि विशुद्ध घरेलू वित्तीय बचत 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के 5.1 […]
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