गौतम अदाणी के सामने मुश्किल हालात हैं। अदाणी समूह की कंपनियों की गड़बड़ी के बारे में जारी की गई हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर समूह ने जो खंडन जारी किया है आप उसे संतोषजनक पाएं या नहीं (यह रिपोर्ट में केवल कुछ बिंदुओं को शामिल करता है) लेकिन उसके शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। […]
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वर्ष 2021-22 का चीनी का मौसम (अक्टूबर से सितंबर) और उसके बाद अब तक की अवधि भारतीय चीनी क्षेत्र के लिए घटना प्रधान साबित हुए हैं। यह प्रमुख कृषि आधारित उद्योग जहां अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकारी सहायता और राहत पैकेज की मांग करता रहता था, वहीं अब यह एक जीवंत, आत्मनिर्भर क्षेत्र बन […]
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अमेरिका और नाटो के खुफिया सूत्रों का कहना है कि रूस यूक्रेन पर नए सिरे से हमले कर सकता है। इस बीच बहस का बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित रहा है कि जर्मन चांसलर ओलाफ शुल्ज ने यूक्रेन को लेपर्ड 2 मुख्य युद्धक टैंक देने में हिचकिचाहट दिखाई है। इस बहस में यह बात […]
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वर्ष 2016 में जब ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (IBC) की शुरुआत हुई थी तो यह अपेक्षा की गई थी कि इस नई व्यवस्था से भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण अंतर पाटना आसान हो जाएगा। आईबीसी को हाल के वर्षों में हुए महत्त्वपूर्ण सुधारों में एक समझा गया। इसका मकसद कंपनी जगत में दिवालिया […]
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चीन से दूरी का सिलसिला लगभग एक दशक से चले आ रहे चरणबद्ध धीमेपन के बाद चीन की वृद्धि में गिरावट की खबरें पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि कई फैक्टरियां और आपूर्ति श्रृंखलाएं अब चीन पर निर्भरता समाप्त कर उससे दूरी बना रही हैं। परंतु […]
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उत्तराखंड के जोशीमठ में घटित त्रासदी हमें बताती है कि हिमालय क्षेत्र की पारिस्थितिकी के साथ छेड़छाड़ कितनी मुश्किल पैदा करने वाली है। बता रहे हैं श्याम सरन मैं कई वर्षों से हिमालय में ट्रेकिंग (पहाड़ों पर चढ़ाई) के लिए जाता रहा हूं। मैंने बतौर ट्रेकर अक्सर अपना अनुभव इस समाचार पत्र के पन्नों पर […]
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक मशविरा पत्र जारी किया है जिसका शीर्षक है, ‘ब्लॉकिंग ऑफ फंड्स फॉर ट्रेडिंग इन सेकंडरी मार्केट’ अर्थात द्वितीयक बाजार में कारोबार के लिए फंड को रोकना। कुल मिलाकर यह कोशिश है ऐप्लीकेशन सपोर्टेड बाइ द ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) प्रणाली का विस्तार करने की। अस्बा प्राथमिक बाजार से […]
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महामारी के कारण मची उथलपुथल के बाद राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर जो वार्षिक रिपोर्ट पेश की है उसके मुताबिक राज्यों का समेकित सकल राजकोषीय घाटा 2020-21 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.1 फीसदी से कम होकर 2021-22 में […]
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अगर देश में बढ़ती असमानता के ज्यादा प्रमाणों की आवश्यकता थी तो गैर सरकारी संगठन ऑक्सफैम की ताजा वैश्विक संपत्ति रिपोर्ट इसके पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत करती है। दावोस में विश्व आर्थिक मंच के शुरुआती दिन जारी की गई इस रिपोर्ट का शीर्षक है: ‘सरवाइवल ऑफ द रिचेस्ट: द इंडिया स्टोरी’। यह रिपोर्ट दिखाती है कि […]
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भारत में बड़ी नीतिगत चुनौतियों में से एक है आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाना और उनमें सुधार की गति बढ़ाना। हालांकि इस संदर्भ में काफी कुछ निवेश की स्थिति में सुधार पर निर्भर करता है, जिसमें कुछ समय से सुस्ती छाई हुई है। इसके लिए सरकार सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देती रही है ताकि निजी […]
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