राजनीति

तमिलनाडु में ‘थलपति’ विजय का उदय: टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, सीएम स्टालिन चुनाव हारे

तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने 100 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन चुनाव हार गए हैं, जिससे द्रविड़ राजनीति का युग बदल गया है

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शाइन जेकब   
Last Updated- May 04, 2026 | 11:19 PM IST

तमिलनाडु में पांच दशकों की द्विध्रुवीय द्रविड़ राजनीति का अंत करते हुए अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलगा वेट्री  कषगम (टीवीके) ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 100 से अधिक सीटों के साथ अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर कदम बढ़ा दिया है।

प्रदेश में कई बड़े उलटफेर भी देखने को मिले। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को कोलातुर विधानसभा क्षेत्र में टीवीके के वी.एस. बाबू से हार का सामना करना पड़ा। बाबू एक समय स्टालिन के अत्यंत करीबी माने जाते थे।

शाम 7 बजे तक टीवीके करीब 51 सीटें जीत चुकी थी और 57 अन्य सीटों पर आगे चल रही थी। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। निवर्तमान सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) को 24 सीटों पर जीत मिली है और वह 35 सीटों पर आगे है। वहीं अखिल भारतीय अन्ना द्रमुक (एआईएडीएमके) को 20 सीटों पर जीत मिली और वह 26 पर आगे है।

द्रमुक के नेतृत्व वाले सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने 74 सीटों पर जीत हासिल की है या वह आगे चल रही है। वहीं एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) को शाम 7 बजे तक 54 सीटों पर जीत या बढ़त हासिल थी। स्टालिन तमिलनाडु के चौथे ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो पद पर रहते हुए विधानसभा चुनाव हारे हैं। इससे पहले एआईएडीएम प्रमुख रही जयललिता को 1996 में बार्गुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री रहते हुए हार का सामना करना पड़ा था।

टीवीके को शाम 7 बजे तक गिने गए वोटों में लगभग 34.91 प्रतिशत मिले, जबकि द्रमुक को 24 प्रतिशत और एआईएडीएमके को लगभग 21 प्रतिशत वोट मिले। स्टालिन हार गए लेकिन उनके पुत्र और निवर्तमान उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अपनी चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने टीवीके के डी. सेल्वम को हराया। विजय स्वयं पेरम्बूर सीट से 49,765 से अधिक वोटों के अंतर से और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) से 24,056 वोटों से आगे चल रहे थे। टीवीके की जीत की रोमांचक कहानियों में से एक 30 वर्षीय आर. सबरीनाथन की थी, जो विजय के वाहन चालक के पुत्र हैं और विरुगुम्बाक्कम से चुनाव लड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टीवीके को उसकी जीत पर बधाई दी। उदयनिधि ने सोमवार को कहा, ‘मैं सिर झुकाकर तमिलनाडु की जनता के फैसले को स्वीकार करता हूं। नई सरकार को बधाई।’

द्रमुक के लिए एक बड़ा झटका यह रहा कि टीवीके ने राजधानी चेन्नई की कुल 16 विधानसभा सीटों में से 14 पर जीत हासिल की, जो द्रविड़ दल का गढ़ माना जाता है। एक और बड़ा उलटफेर तब हुआ जब तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा एएमएमके उम्मीदवार कामराज एस से मन्नारगुड़ी सीट पर 1,566 वोटों के अंतर से हार गए। पूर्व वित्त मंत्री पलनीवेल त्यागराजन राजन (पीटीआर) भी टीवीके के मदहर बदरुद्दीन से 43 प्रतिशत वोट शेयर के साथ हार गए।

अन्य द्रमुक नेताओं में स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन (सैदापेट), स्पीकर एम. अप्पावु (राधापुरम), सामाजिक कल्याण मंत्री गीता जीवन (तुत्तूकुडी) और आबकारी मंत्री एस. मुत्तुसामी (इरोड पश्चिम) भी हार गए।

स्टालिन को हराने वाले वी. एस. बाबू द्रमुक के उत्तर चेन्नई जिला सचिव रह चुके हैं और 2006 में पुरसावाल्कम सीट से विधानसभा के लिए चुने गए थे। एआईएडीएमके में रह चुके पी.के. शेखरबाबू के द्रमुक में उभरने के साथ ही बाबू को धीरे-धीरे किनारे कर दिया गया। जिला सचिव पद से हटाए जाने के बाद बाबू एआईएडीएमके में शामिल हो गए और चुनाव से पहले वह टीवीके में आ गए।

First Published : May 4, 2026 | 11:15 PM IST