facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

संविधान पर चर्चा में बोले अमित शाह, इंडिया के चश्मे से भारत समझ में नहीं आएगा

Advertisement

शाह ने कहा, ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को शर्म आनी चाहिए, धर्म आधारित आरक्षण का किया विरोध

Last Updated- December 17, 2024 | 11:05 PM IST
Manipur Violence: Amit Shah's high-level meeting on the deteriorating situation in Manipur, NSA Ajit Doval will attend the meeting मणिपुर की बिगड़ती स्थिति पर अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग, बैठक में शामिल होंगे NSA अजित डोभाल

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि संविधान को मजबूत करने के लिए देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त कराने की आवश्यकता है। यदि ‘इंडिया’ के चश्मे से देखा जाए तो भारत को कभी नहीं समझा जा सकता। राज्य सभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर संदेह उठाने वालों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक संसद में भारतीय जनता पार्टी का एक भी सांसद रहेगा, हम धर्म के आधार पर आरक्षण लागू नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी की नकल नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विभिन्न देशों के संविधानों की अच्छी बात लेने के साथ-साथ इसमें अपने देश की परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने लोकतंत्र की जड़ें मजबूत की हैं और रक्त की एक बूंद गिरे बिना सत्ता का हस्तांतरण हुआ है। यदि ‘इंडिया’ के चश्मे से भारत को देखोगे तो देश कभी समझ नहीं आएगा।

शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनकी ओर संकेत करते कहा, ‘अभी कुछ राजनेता आए हैं, 54 साल की आयु में अपने को युवा कहते हैं। घूमते रहते हैं और (कहते हैं कि सत्तारूढ़ दल वाले) संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान बदलने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 368 में ही है।’

उन्होंने कहा कि भाजपा ने 16 साल शासन किया, जिसमें 22 बार संविधान में संशोधन किया गया। कांग्रेस ने 55 साल शासन किया और इस दौरान उसने संविधान में 77 बार परिवर्तन किए। गृह मंत्री ने दावा किया कि यह देखने वाली बात है कि संविधान संशोधन किसने देश के नागरिकों की भलाई के लिए किए और किसने अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि जब दो राज्यों (महाराष्ट्र और झारखंड) के विधान सभा के चुनाव परिणाम एक ही दिन आये हों और एक में किसी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया हो और दूसरे में वह जीत गई हो तो ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को शर्म करनी चाहिए, क्योंकि जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने ईवीएम संबंधी 24 अर्जियों को नकार दिया तथा निर्वाचन आयोग ने तीन दिन तक ईवीएम को हैक करने के लिए लोगों को आमंत्रित किया, किंतु कोई नहीं आया।

संविधान लागू होने के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लाना देश में तुष्टीकरण की शुरुआत थी। यदि कांग्रेस संविधान का सम्मान करेगी तो उसका भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण चल ही नहीं सकता, पार्टी यदि इन तीनों को छोड़ दे तो वह चुनाव जीतना शुरू कर देगी।

Advertisement
First Published - December 17, 2024 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement