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कर्नाटक में मुस्लिमों को आरक्षण पर बवाल, राज्य सभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि डॉ. बी आर आंबेडकर के बनाए संविधान को कोई भी ताकत नहीं बदल सकती है। 

Last Updated- March 24, 2025 | 10:46 PM IST
Rajya Sabha session (1)
राज्य सभा की प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Muslim Reservation: राज्य सभा में सोमवार को सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कर्नाटक विधान सभा में मुसलमानों को सरकारी ठेकों में चार प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाला विधेयक पारित होने पर कड़ा विरोध जताया तथा कांग्रेस पर संविधान बदलने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इस कारण हंगामे के चलते उच्च सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि डॉ. बी आर आंबेडकर के बनाए संविधान को कोई भी ताकत नहीं बदल सकती है। 

इस बीच, राज्य सभा  में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने सोमवार को सदन के नेता जेपी नड्डा एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया, जिसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार द्वारा दिए गए कथित बयानों को लेकर सदन को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया गया है।

राज्य सभा में सोमवार को सदन की बैठक शुरू होते ही भाजपा सदस्यों ने आरक्षण का मुद्दा उठाया और हंगामा करने लगे। हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जो लोग संविधान के रक्षक होने का दावा करते हैं, वे लोग संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक महत्त्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे कांग्रेस के एक नेता ने कहा है कि आरक्षण के मुद्दे पर जरूरत पड़ी तो संविधान में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने यद्यपि किसी का नाम नहीं लिया, किंतु माना जाता है कि उनका संकेत कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की ओर था। 

सदन के नेता एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि बहुत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि जो लोग खुद को संविधान का रक्षक बताते हैं, उनकी सोच बिल्कुल उनके दावे के विपरीत है। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान को तार-तार करना चाहती है।

राज्य सभा  में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने सोमवार को सदन के नेता जेपी नड्डा एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया, जिसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार द्वारा दिए गए कथित बयानों को लेकर सदन को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया गया है। रमेश ने राज्य सभा  के कामकाज संबंधी नियम 188 के तहत दो अलग-अलग नोटिस दिए। उन्होंने सभापति जगदीप धनखड़ को दिए नोटिस में कहा कि 24 मार्च को राज्य सभा  की बैठक शुरू होने के तुरंत बाद रीजीजू ने शिवकुमार द्वारा कथित तौर पर दिए गए कुछ ‘गलत बयानों’ का हवाला देकर सदन को ‘गुमराह’ किया। रमेश ने नड्डा के खिलाफ अपने नोटिस में कहा कि सदन के नेता ने कांग्रेस पर कर्नाटक विधान सभा में मुसलमानों को ठेकों में 4 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित करने का आरोप लगाया है।  

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First Published - March 24, 2025 | 10:39 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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