facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

शराब घोटाला मामले में CBI चार्जशीट में पहली बार दर्ज किया गया मनीष सिसोदिया का नाम

Advertisement
Last Updated- April 25, 2023 | 7:58 PM IST
Delhi excise policy case: Court extends AAP leader Manish Sisodia's ED custody by five days

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है।

CBI ने 26 फरवरी को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और 58वें दिन आरोप पत्र दाखिल कर दिया, जिससे उन्हें स्वत: जमानत मिलने की संभावना नहीं रहेगी।

एजेंसी ने आरोप पत्र में हैदराबाद निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट बी बाबू गोरांतला, शराब कारोबारी अमनदीप सिंह ढल और एक अन्य व्यक्ति अर्जुन पांडेय को भी नामजद किया है।

सीबीआई ने भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 201 और 420 लगाई है। यहां विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल आरोप पत्र में एजेंसी ने कहा कि व्यापक साजिश का पता लगाने और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच को जारी रखा गया है। सीबीआई ने पिछला आरोप पत्र 25 नवंबर, 2022 को दायर किया था।

क्या है मामला?

पिछले महीनों के दौरान सामने आया था कि दिल्ली की शराब नीति में भ्रष्टाचार हो रहा है जिसको लेकर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी थी। इसी जांच में शक के आधार पर एजेंसी ने मनीष सिसोदिया की 26 फरवरी को गिरफ्तारी की थी। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पूछताछ करने के बाद कहा है कि जो भी करप्शन हुआ उसमें सिसोदिया का सबसे बड़ा हाथ है। आरोप लगाया गया है कि 2021-22 की दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए कुछ डीलरों को कथित तौर पर रिश्वत देने की एवज में फायदा पहुंचाया गया था।

Also Read: 7 मई को होने वाले कुश्ती महासंघ के चुनाव रुके, 27 को होगी बैठक

गौर करने वाली बात है कि अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू की थी। जिसमें बताया गया था कि इससे सरकार की आमदनी तेजी से बढ़ेगी और करीब 8 से 10 हजार करोड़ के राजस्व की कमाई का अंदाजा लगाया गया था। इस नीति के आने के साथ ही शराब के कारोबार से सरकार ने अपने हाथ खींच लिए थे और पूरा कारोबार निजी हाथों को सौंप दिया गया था। जिसके बाद शराब की सेल बढ़ाने के लिए जमकर डिस्काउंट दिए गए। इस दौरान शराब की सेल भी बढ़ी, और सरकारी खजाना भी। लेकिन इसका विरोध भी खूब हुआ। बीजेपी ने इसका जमकर विरोध किया।

इन सबके बीच 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर आरोप लगा कि उन्होंने शराब नीति को अपने फायदे के लिए तैयार किया और उससे व्यक्तिगत लाभ उठाया। (इनपुट भाषा से)

Advertisement
First Published - April 25, 2023 | 7:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement